यूपी पुलिस का एक वो चेहरा सामने आया है जिसे पढ़कर और देखकर आपकी आत्मा कांप जाएगी. यूपी पुलिस के एक इंसपेक्टर ने वो किया है जो सभ्य समाज का कोई भी इंसान कभी नहीं करेगा. यूपी पुलिस की यह तस्वीर आपको तकलीफ देगी लेकिन आपके लिए इस हकीकत से रूबरू होना जरूरी है. यूपी के अमरोहा में दिनदहाड़े 24 साल के युवक दीपक की गोली मार कर हत्या कर दी गई.
दीपक का शव सड़क किनारे पड़ा था. उसके बाद पुलिस इंसपेक्टर एससी बेलवाल एसपी दीपिका गर्ग के साथ यहां पहुंचे. शव के करीब खड़े इंसपेक्टर ने अपने बूट से शव को धकेला. इंसपेक्टर के करीब खड़ी रहीं अमरोहा की महिला एसपी दीपिका गर्ग. आरोप है कि इंसपेक्टर ने एसपी दीपिका गर्ग को शव में बने बुलेट मार्क को दिखाने के लिए अपने पैर से शव को सीधा किया. और फिर बूट से ही बुलेट मार्क को दिखाया. तो क्या हम ये माने कि एसपी के साथ इंस्पेक्टर तक को यह नहीं पता था कि किसी भी शव के साथ कैसे पेश आना चाहिए?
अब एसपी दीपिका गर्ग ने इस बारे में सफाई दी है. उन्होंने कहा कि जैसी तस्वीर दिखाई जा रही है वैसा कुछ भी नहीं था. मौके पर मृतक के परिजन और गांववाले भी मौजूद थे. यदि ऐसा कुछ हुआ होता (पुलिस ने जूतों से लाश को रौंदा होता) तो वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने भी इसका विरोध किया होता, गर्ग ने कहा कि यह तस्वीर उस वक्त की है, जब लाश के पास पहुंचने की कोशिश की जा रही थी.
लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा कहते हैं- गोरखपुर के एसएसपी की बेहूदगी का मामला अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि अमरोहा पुलिस की हरकत सामने आ गई. अमरोहा की एसएसपी दीपिका गर्ग के सामने एक इन्स्पेक्टर एक व्यक्ति की लाश को पैर से सीधा करके एसएसपी साहिबा को दिखा रहा है.. क्या हो गया है इन पुलिस अफसरों को.. लाश पर पैर सिर्फ यूपी पुलिस के जांबाज अफसर ही मार सकते है.






