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कार्तिक कुमार चटर्जी की अन्तिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, पुत्र समीर चटर्जी ने मुखाग्नि दी

गाजीपुर। गाजीपुर पत्रकार एसोसिशन के संरक्षक व उत्तर प्रदेश पत्रकार मान्यता समिति के पूर्व सदस्य और उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) के पूर्व संस्थापक कार्तिक कुमार चटर्जी ‘दादा’ की शवयात्रा में पत्रकारों साहित जनपद के गणमान्य लोग शामिल रहे। यह शवयात्रा उनके निवास स्थान नवापुरा मुहल्ले से चल कर नवापुरा गंगाघाट पर पहुंची जहा पर बंगाली रीति रिवाज के साथ शव का अन्तिम संस्कार किया गया। इसमें उनके इकलौते पुत्र समीर चटर्जी ने मुखाग्नि देकर अपने कर्तव्यों का पालन किया। ज्ञातव्य हो कि दादा की हृदय गति अचानक रुक जाने से दिल्ली में कल निधन हो गया था।

गाजीपुर। गाजीपुर पत्रकार एसोसिशन के संरक्षक व उत्तर प्रदेश पत्रकार मान्यता समिति के पूर्व सदस्य और उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) के पूर्व संस्थापक कार्तिक कुमार चटर्जी ‘दादा’ की शवयात्रा में पत्रकारों साहित जनपद के गणमान्य लोग शामिल रहे। यह शवयात्रा उनके निवास स्थान नवापुरा मुहल्ले से चल कर नवापुरा गंगाघाट पर पहुंची जहा पर बंगाली रीति रिवाज के साथ शव का अन्तिम संस्कार किया गया। इसमें उनके इकलौते पुत्र समीर चटर्जी ने मुखाग्नि देकर अपने कर्तव्यों का पालन किया। ज्ञातव्य हो कि दादा की हृदय गति अचानक रुक जाने से दिल्ली में कल निधन हो गया था।

दादा ने हाईस्कूल पास करने के पश्चात पिता के चोरी छिपे पत्रकारिता जगत से जुड़कर समाज के चौथे स्तम्भ में अपनी अलग पहचान एक स्तम्भ के रूप में बनायी। सर्वप्रथम उन्होंने दैनिक आज से पत्रकारिता का शुभारंभ किया और इसके बाद में वाराणसी से सांध्यकालीन समाचार पत्र दैनिक गांडीव के शुरुआती दिनों से भगवान दास अरोड़ा के साथ जुड़े रहे हैं।

उनके साथ सन् 1975 के इमरजेन्सी के दिनों में भी कदम से कदम मिला गांडीव को बुलन्दियों के शिखर तक ले गये और अन्तिम समय में भी गांडीव से जुड़े रहे। इन्होंने अपनी बेबाक शैली व निर्भीक पत्रकारिता से समाज में अपनी अलग पहचान बनाये रखी। अपने कलम की लेखनी के दम पर समाज में अपना लोहा मनवाते रहे। शायद कुछ इसी का देन था कि प्रशासन विरोधी खबर लिखे जाने पर प्रशासन के लोग इनके अखबार की प्रतियों का बड़े ही बेसब्री से इंतजार करते हुए देखे जाते थे। सोमवार के दिन इनकी अंत्येष्टि के समय समाज का कोई ऐसा वर्ग नही था जो इनकी शवयात्रा में न शामिल हुआ हो। वहीं पत्रकारिता से जुडे लोगों ने बताया कि इनके निधन से पत्रकारिता जगत में अपूरणीय क्षति हुई है। इनके निधन पर एसोसिएशन ने इस बार मनाये जाने वाली पत्रकारिता दिवस 30 मई का कार्यक्रम स्थगित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया है।

पत्रकारों में राजकमल राय, दानिश, तुषार, अविनाश, विनोद, अखिलेश, सूर्यकुमार सिंह, धर्मदेव राय, जयप्रकाश भारती, अनिल उपाध्याय, अनिल कुमार, मोहन तिवारी, अजय शंकर तिवारी, संजय चैरसिया, आरसी खरवार, श्याम सिन्हा, राजेश दूबे, आलोक, प्रवीण, शशिकान्त, विनय कुमार सिंह, बबलू, प्रभारी सहायक सूचना निदेशक एसपी सिंह, गांडीव के सम्पादक राजीव अरोड़़ा, विजय कुमार, वीके राय, राजेश सिंह, उधम सिंह, रविन्द्र सैनी, अखिलेश यादव, राजीव सिंह, सूर्यवीर सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, समाजसेवी मुन्नन यादव, विजय शंकर राय, रामतेज पाण्डेय, गोपाल जी, अज्जुभाई, राजेश्वर सिंह सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

गाजीपुर से पत्रकार अनिल कुमार की रिपोर्ट.

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