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जागरण में बंपर छंटनी (2) : मेरठ और वाराणसी में लिस्ट तैयार, कर्मियों में दहशत

खुद को नंबर वन अखबार बताने वाला दैनिक जागरण दिन प्रतिदिन बेरहम होता जा रहा है. ताजी सूचना ये है कि यह ग्रुप एक बार फिर बंपर छंटनी करने जा रहा है. मेरठ और बनारस यूनिट से जो सूचनाएं और जो नाम आएं हैं, उससे पता चल रहा है कि पुराने कर्मियों पर ज्यादा बड़ी संख्या में गाज गिर रही है. ये वो लोग हैं जिन्होंने दैनिक जागरण के अलावा किसी दूसरे संस्थान के बारे में सोचा तक नहीं. मेरठ से मिली सूचना के अनुसार पिछले दिनों अपनी स्थापना का सिल्वर जुबली मनाने वाले मेरठ दैनिक जगरण ने तीन साल बाद फिर से छंटनी करने का फैसला कर लिया है.

खुद को नंबर वन अखबार बताने वाला दैनिक जागरण दिन प्रतिदिन बेरहम होता जा रहा है. ताजी सूचना ये है कि यह ग्रुप एक बार फिर बंपर छंटनी करने जा रहा है. मेरठ और बनारस यूनिट से जो सूचनाएं और जो नाम आएं हैं, उससे पता चल रहा है कि पुराने कर्मियों पर ज्यादा बड़ी संख्या में गाज गिर रही है. ये वो लोग हैं जिन्होंने दैनिक जागरण के अलावा किसी दूसरे संस्थान के बारे में सोचा तक नहीं. मेरठ से मिली सूचना के अनुसार पिछले दिनों अपनी स्थापना का सिल्वर जुबली मनाने वाले मेरठ दैनिक जगरण ने तीन साल बाद फिर से छंटनी करने का फैसला कर लिया है.

कई पुराने स्टाफरों को निकाला जा रहा है. संपादकीय से कुल पांच स्टाफर व पांच स्ट्रिंगर हटाये जा रहे हैं. इनमें कुछ लोग जिलों के ब्यूरो चीफ भी हैं. अन्य विभागों के भी लोगों को हटाया जा रहा है. वाराणसी से मिली सूचना के मुताबिक सभी विभागों को मिलाकर करीब डेढ़ दर्जन लोग बाहर निकाले जा रहे हैं. अन्य यूनिटों में भी इसी तरह का क्रम शुरू होने की सूचना है. इस कवायद के कारण जागरण में काम करने वाला प्रत्येक कर्मी दहशत में है. किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर उनकी गलती क्या है जो अचानक उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है.

कुछ लोगों का कहना है कि दैनिक जागरण दिन प्रतिदिन कारपोरेट होता जा रहा है और इस ग्रुप के अंदर अब मानवीय संवेदनाएं बिलकुल नहीं बची हैं. दैनिक जागरण को जिन कर्मियों ने अपने खून पसीने से सींचकर बड़ा किया, उन्हें अब उस वक्त निकाला जा रहा है जब जागरण की उन्हें सख्त जरूरत थी. बताया जा रहा है कि जागरण के मालिकान पेशेवर रुख अपनाते हुए नई उम्र के लोगों को कम पैसे में रखने में यकीन कर रहे हैं और लंबे समय से कार्यरत लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने का फैसला कर चुके हैं.

आपको भी अगर इस पूरी परिघटना के बारे में कुछ पता है तो भड़ास तक अपनी सूचना पहुंचाएं. आपका नाम गोपनीय रखा जाएगा. पता है- [email protected]

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