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सुधीर, गीताश्री और संदीप को सृजनगाथा सम्मान

: बैंकाक में सम्मानित होंगे हिन्दी के रचनाकार : रायपुर । वरिष्ठ कवि व 'दुनिया इन दिनों' के प्रधान संपादक डॉ. सुधीर सक्सेना, भोपाल को उनकी कविता संग्रह 'रात जब चंद्रमा बजाता है' तथा स्त्री विमर्श के लिए प्रतिबद्ध लेखिका व आउटलुक, हिन्दी की सहायक संपादिका, गीताश्री को उनकी संपादित कृति 'नागपाश में स्त्री' तथा युवा पत्रकार, दैनिक भारत भास्कर (रायपुर) के संपादक श्री संदीप तिवारी 'राज' की पहली कृति 'ये आईना मुझे बूढ़ा नहीं होने देता' के लिए वर्ष 2011 के सृजनगाथा सम्मान से नवाजा गया है।

: बैंकाक में सम्मानित होंगे हिन्दी के रचनाकार : रायपुर । वरिष्ठ कवि व 'दुनिया इन दिनों' के प्रधान संपादक डॉ. सुधीर सक्सेना, भोपाल को उनकी कविता संग्रह 'रात जब चंद्रमा बजाता है' तथा स्त्री विमर्श के लिए प्रतिबद्ध लेखिका व आउटलुक, हिन्दी की सहायक संपादिका, गीताश्री को उनकी संपादित कृति 'नागपाश में स्त्री' तथा युवा पत्रकार, दैनिक भारत भास्कर (रायपुर) के संपादक श्री संदीप तिवारी 'राज' की पहली कृति 'ये आईना मुझे बूढ़ा नहीं होने देता' के लिए वर्ष 2011 के सृजनगाथा सम्मान से नवाजा गया है।

यह निर्णय देश के चुनिंदे 1000 युवा साहित्यकार-पाठकों की राय पर निर्धारित किया गया। यह सम्मान उन्हें चौंथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, बैंकाक, थाईलैंड में 17 दिसंबर, 2011 को दी जायेगी। सम्मान स्वरूप उन्हें 11-11 हजार का चेक, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह और साहित्यिक कृतियां भेंट की जायेंगी।

ज्ञातव्य हो कि साहित्य, संस्कृति और भाषा के लिए प्रतिबद्ध साहित्यिक संस्था (वेब पोर्टल )सृजन गाथा डॉट कॉम पिछले पाँच वर्षों से ऐसी युवा विभूतियों को सम्मानित कर रही है जो कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा वह तीन अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलनों का संयोजन भी कर चुकी है जिसका पिछला आयोजन मॉरीशस में किया गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी और हिंदी-संस्कृति को प्रतिष्ठित करने के लिए संस्था द्वारा, किये जा रहे प्रयासों और पहलों के अनुक्रम में आगामी 15 से 21 दिसंबर तक थाईलैंड में चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

सम्मेलन में हिंदी के आधिकारिक विद्वान, अध्यापक, लेखक, भाषाविद्, पत्रकार, टेक्नोक्रेट एवं हिंदी प्रचारक भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का मूल उद्देश्य स्वंयसेवी आधार पर हिंदी-संस्कृति का प्रचार-प्रसार, भाषायी सौहार्द्रता एवं सांस्कृतिक अध्ययन-पर्यटन का अवसर उपलब्ध कराना है। उक्त अवसर पर आयोजित संगोष्ठी – हिन्दी की वैश्वकिता पर प्रतिभागी अपना आलेख पाठ कर सकेंगे। इसके अलावा प्रतिभागियों के लिए बैंकाक, पटाया, कोहलर्न आईलैंड थाई कल्चरल शो, गोल्डन बुद्ध मंदिर, विश्व की सबसे बड़ी जैम गैलरी, सफारी वर्ल्ड आदि स्थलों का सांस्कृतिक पर्यटन का अवसर भी उपलब्ध होगा। 

आयोजन संयोजक जयप्रकाश मानस व डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया है कि इस वर्ष इसके अलावा मुंबई की कथाकार संतोष श्रीवास्तव, संस्कृति कर्मी सुमीता केशवा, हिन्दी ब्लॉगिंग के लिए प्रतिबद्ध रवीन्द्र प्रभात (लखनऊ), आधारशिला के संपादक दिवाकर भट्ट (देहरादून), सिनेमा लेखन के लिए प्रमोद कुमार पांडेय (मेरठ), नागपुर विवि के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा, प्रवासी लेखिका देवी नागरानी (यूएसए), ओडिया से हिन्दी अनुवादक श्री दिनेश माली(ब्रजराजनगर, ओडिसा) हिन्दी के प्रकाशक श्री शांति स्वरूप शर्मा (यश पब्लिकेशंस, दिल्ली), युवा लेखिका अलका सैनी (चंडीगढ़) आदि को उनकी उल्लेखनीय सेवा के लिए सृजनश्री से सम्मानित किया जायेगा ।

रायपुर से डॉ. सुधीर शर्मा की रपट

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