: कानाफूसी : दिशा टीवी को लेकर कई तरह की कानाफूसी मार्केट में है. अपुष्ट जानकारी के मुताबिक दिशा टीवी के प्रमोटर डायमंड ग्रुप के चेयरमैन ने सीईओ माधवकांत मिश्रा की कार्यशैली से नाराज होकर दिशा में अब कोई पैसा लगाने से मना कर दिया है. डायमंड ग्रुप ने दिशा में अपने प्रतिनिधि वाइस प्रेसीडेंट पंकज अग्रवाल को वापस कोलकाता बुला लिया है. 23 मई को पंकज अग्रवाल ने दिशा को बाय कह दिया. सूत्रों के मुताबिक डायमंड ग्रुप ने माधवकांत को यहां तक कह दिया है कि अगर उन्हें कोई फाइनेंसर मिलता है तो वे ढूंढ ले और डायमंड का जो इनवेस्टमेंट है वह उसे वापस करा दें. अगर यही हाल रहा तो दिशा चैनल या तो बिक जाएगा या बंद हो जाएगा.
दरअसल समस्या यह है कि निर्मल बाबा के छोटे अवतार माधवकांत मिश्रा जो कि रुद्राक्ष के पेड़ बेचकर दावा करते हैं कि इस पौधे से सभी ग्रह ठीक हो जाएंगे, के चैनल में आने के बाद चैनल का खर्चा काफी बढ़ गया. हर माह चैनल का बढ़ता घाटा प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन गया है. इसी कारण चेयरमैन अमरनाथ सर्राफ ने हर महीने होने वाला घाटा उठाने से मना कर दिया है. अब माधवकांत स्टाफ कम करके घाटा से उबरने का प्रयास करना चाहते हैं, जिसके कारण स्टाफ के लोग परेशान हैं.
उधर, दिशा चैनल पर प्रसारित होने वाले सुबह समाचार का प्रसारण बंद कर दिया गया है. इस शो के प्रभारी मनोज कनक ने इस्तीफा दे दिया है. मनोज कनक के साथ ही छह सात अन्य लोगों का भी इस्तीफा लिया जा रहा है. प्रोड्यूसर निकिता ने अपना इस्तीफा दे दिया है. कुल 78 स्टाफ में 32 लोगों के नाम की लिस्ट तैयार की गई है. पैनिक ना हो इसलिए दो दो तीन तीन लोगों का इस्तीफा लिया जा रहा है. प्रोड्यूसर रिचा मुंजाल, प्रोड्यूसर जीतपाल शर्मा, आपरेशन इंचार्ज आशुतोष, कैमरामैन अरविंद को जबरन इस्तीफा देने के लिए कहा गया है. ये लोग छुट्टी पर चले गए हैं. लास्ट वीक में सीनियर प्रोड्यूसर कृतिका गेरा ने इस्तीफा दिया था. इस चैनल में सभी स्टाफ डरे हुए हैं कि 32 लोगों की लिस्ट में कहीं उनका नाम तो नहीं है.
इस सबके पीछे की असली कहानी मैं आपको बता रहा हूं. करीब एक साल से चैनल के प्रमोटर डायमंड ग्रुप के चेयरमैन और चैनल हेड माधवकांत के बीच नहीं बन रही है. डायमंड ग्रुप के चेयरमैन के बारे में बताया जाता है कि वे सुधांशु महाराज के भक्त हैं और सुधांशु के दबाव में चेयरमैन अभी तक माधवकांत को झेल रहे हैं. आडिट में माधवकांत पर फाइनेंसियल फ्राड का आरोप लग चुका है. इसके बाद चेयरमैन ने वाइस प्रेसीडेंट के पोस्ट पर अपने आदमी पंकज अग्रवाल को बैठा दिया. पंकज अग्रवाल सीझे चेयरमैन को रिपोर्टर करते हैं. पंकज से माधवकांत की नहीं बनती. एकाउंटेंट भी माधवकांत को रिपोर्ट नहीं करता. वो भी सीधे चेयरमैन को रिपोर्ट करता है. पिछले छह माह से माधवकांत से चेयरमैन छुटकारा चाहते हैं. लेकिन अपने गुरु सुधांशु महाराज के कारण माधवकांत को झेल रहे हैं.
पिछले एक साल से हर महीने तीस लाख रुपये का नुकसान चैनल को हो रहा है. इस एक मई को डायमंड ग्रुप ने हाथ खड़े कर दिए. ग्रुप ने और घाटा झेलने से मना कर दिया है. माधवकांत ने अपने स्वभाव के अनुरूप शुरू शुरू में जो सब्जबाग दिखाए थे, उसकी हकीकत सामने आने लगी है. चैनल में उठापटक के बीच चेयरमैन ने पंकज अग्रवाल को कोलकाता बुला लिया है. माधवकांत खुद चैनल से जाने को तैयार नहीं हैं. ऐसे में मालिक ने नया इनवेस्टमेंट करने से मना कर दिया है. बताया जाता है कि चैनल प्रबंधन अब कई दूसरे लोगों से संपर्क में है ताकि चैनल को ठीक ढंग से संचालित किया जा सके. माधवकांत स्टाफ कम करते हुए खर्च घटाने का प्रयास कर रहे हैं जबकि प्रबंधन का कहना है कि स्टाफ कम करने से कंपनी का घाटा कम और मुनाफा नहीं होता. माधवकांत इससे पहले भी कई चैनलों का बंटाधार कर चुके हैं. वे कात्यायनी में गए और महीने भर के अंदर उन्हें वहां से विदा होना पड़ा. सनातन चैनल में भी उनकी कई कहानियां प्रचलित है. देखना है कि माधवकांत अब कितने दिन तक दिशा चैनल को दिशा देते रहते हैं.
इस बारे में जब माधवकांत को फोन कर उनका पक्ष भड़ास4मीडिया ने जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि वे किसी बात पर कोई कमेंट नहीं करना चाहेंगे.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. अगर उपरोक्त तथ्यों में किसी को कोई कमी-बेसी नजर आए तो अपनी बात [email protected] पर मेल कर सकता है.





