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डीएसपी ने हिंदुस्‍तान पर ठोंका मानहानि का मुकदमा

मुंगेर। जिले के हवेलीखड़गपुर अनुमंडल के आरक्षी उपाधीक्षक कृष्ण चन्द्र ने मुंगेर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार सिन्हा के न्यायालय में दैनिक ‘हिन्दुस्तान‘ के प्रधान संपादक शशिशेखर, भागलपुर संस्करण के स्थानीय संपादक विश्वेश्वर कुमार, संवाददाता आदित्यनाथ झा, भागलपुर कार्यालय, मुंगेर कार्यालय के ब्‍यूरो चीफ मोहन कुमार मंगलम, संवाददाता, वरियारपुर संजय कुमार और मेसर्स जीवन टाइम्स प्रा लिमिटेड, नाथनगर, भागलपुर के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 469 (प्रतिष्ठा हननके उद्देश्य से जालसाजी), 499 (मानहानि), 500 (मानहानि के लिए सजा), 504(शांति भंग करनेके इरादे से प्रयास) और 505 (सार्वजनिक बदसलूकी) के तहत परिवाद-पत्र 23 मई, 2012 को दायर किया है।

मुंगेर। जिले के हवेलीखड़गपुर अनुमंडल के आरक्षी उपाधीक्षक कृष्ण चन्द्र ने मुंगेर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार सिन्हा के न्यायालय में दैनिक ‘हिन्दुस्तान‘ के प्रधान संपादक शशिशेखर, भागलपुर संस्करण के स्थानीय संपादक विश्वेश्वर कुमार, संवाददाता आदित्यनाथ झा, भागलपुर कार्यालय, मुंगेर कार्यालय के ब्‍यूरो चीफ मोहन कुमार मंगलम, संवाददाता, वरियारपुर संजय कुमार और मेसर्स जीवन टाइम्स प्रा लिमिटेड, नाथनगर, भागलपुर के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 469 (प्रतिष्ठा हननके उद्देश्य से जालसाजी), 499 (मानहानि), 500 (मानहानि के लिए सजा), 504(शांति भंग करनेके इरादे से प्रयास) और 505 (सार्वजनिक बदसलूकी) के तहत परिवाद-पत्र 23 मई, 2012 को दायर किया है।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार सिन्हा ने परिवाद-पत्र को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 192 के तहत प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी डीएन भारद्वाज के पास ‘जांच‘ के लिए भेज दिया है। न्यायालय वादी डीएसपी का शपथ पर बयान आगामी 30 मई को दर्ज करेगा। परिवाद-पत्र में आरक्षी उपाधीक्षक कृष्ण चन्द्र ने आरोप लगाया है कि –‘‘दैनिक हिन्दुस्तान 10 मार्च, 2010 से अबतक व्यक्तिगत ईर्ष्या-द्वेष से प्रेरित होकर उनकी प्रतिष्ठा पर कुठाराघात करते हुए लगातार मानहानिजनक समाचार छापता आ रहा है।‘‘

परिवाद-पत्र में आरक्षी उपाधीक्षक ने प्रकाशित समाचारों को उद्धृत करते हुए लिखा है कि सभी वादीगण ने दैनिक हिन्दुस्तान में शीर्षक ‘‘विवादों के लिए चर्चित रहे चन्द्रा,‘‘ ‘‘पुलिस अधिकारी पर लगते रहे आरोप,‘‘ ‘‘ एक पुलिस पदाधिकारी के संरक्षण में है मुखिया,‘‘ ‘‘डीएसपी के डर से घर छोड़ने पर मजबूर हुआ था डाक्टर,‘‘ शीर्षक से उनके विरूद्ध अनेक समाचार भिन्न-भिन्न तिथियों पर छापा और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को हनन करने और लोक शांति भंग करने का काम किया। उनके विरुद्ध प्रकाशित सभी समाचार असत्य और भ्रामक थे।

परिवाद-पत्र में आरक्षी उपाधीक्षक ने संवाददाता आदित्यनाथ झा के 14 मई 2010 के पत्र को साक्ष्य के रूप में पेश किया है जिसमें संवाददाता आदित्यनाथ झा ने आरक्षी उपाधीक्षक से भ्रामक समाचार छापने के लिए ‘खेद‘ प्रकट किया है। पत्र में संवाददाता आदित्य नाथ झा ने लिखा है कि –‘‘दिनांक 10 मार्च 2010 को हिन्दुस्तान में ‘घरेलू नौकर बनकर रह रहा था विकास दास‘ शीर्षक से जो समाचार प्रकाशित हुआ है, वह समाचार तथ्यों के बिना प्रकाशित किए जाने पर डीएसपी श्रीकृष्ण चन्द्र की प्रतिष्ठा पर जो ठेस पहुंची है, उसके लिए हमें खेद है।‘‘

संवाददाता आदित्यनाथ झा ने आगे पत्र में लिखा है कि –‘‘हवेली खड़गपुर के डीएसपी के आवास से हथियार गायब होने के संबंध में जो खबर प्रकाशित हुई थी, वह खबर बिना जांच-पड़ताल के प्रकाशित की गई थी। अब जांचोपरांत ही सही खबर प्रकाशित की जाएगी और प्रकाशित की जा रही है।‘‘

मुंगेर से श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट.

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