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भाषाई पत्रकारिता के सामने अंग्रेजी टिक नहीं सकती : केदारनाथ सिंह

देश के जाने-माने साहित्यकार डा. केदार नाथ सिंह ने पेड न्यूज को हिन्दी पत्रकारिता के लिये सबसे बड़ा खतरा करार देते हुए दावा किया है कि भाषाई पत्रकारिता के सामने आज भी अंग्रेजी पत्रकारिता टिक नहीं सकती। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की बलिया इकाई के बैनर तले टाउन हाल के क्रांतिकारी सभागार में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर जनोन्मुख पत्रकारिता-उत्कर्ष एवं क्षरण विषयक गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आम जनता तक जो अखबार पहुंचे, वहीं नेशनल मीडिया है। अंग्रेजी अखबारों को कृत्रिम तरीके से नेशनल मीडिया बताया जाता है।

देश के जाने-माने साहित्यकार डा. केदार नाथ सिंह ने पेड न्यूज को हिन्दी पत्रकारिता के लिये सबसे बड़ा खतरा करार देते हुए दावा किया है कि भाषाई पत्रकारिता के सामने आज भी अंग्रेजी पत्रकारिता टिक नहीं सकती। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की बलिया इकाई के बैनर तले टाउन हाल के क्रांतिकारी सभागार में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर जनोन्मुख पत्रकारिता-उत्कर्ष एवं क्षरण विषयक गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आम जनता तक जो अखबार पहुंचे, वहीं नेशनल मीडिया है। अंग्रेजी अखबारों को कृत्रिम तरीके से नेशनल मीडिया बताया जाता है।

हिन्दी भाषा के विकास में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका को अहम करार देते हुए उन्होंने यह मानने से इंकार किया कि पत्रकारिता का क्षरण हुआ है। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता में भटकाव आया है, क्षरण नहीं। पत्रकारिता को सही दिशा की तरफ मोड़कर भटकाव को दूर करना है। उन्होंने पेड न्यूज को हिन्दी पत्रकारिता के लिये सबसे बड़ी चुनौती करार देते हुए कहा कि पेड न्यूज के कारण पत्रकारिता की विश्वसनीयता घटी है। उन्होंने इस बात पर क्षोभ व्यक्त किया कि आज अखबारों में शुद्ध भाषा नहीं लिखी जाती। उन्होंने हिन्दी पत्रकारों से समाचार लिखते समय व्याकरण पर विशेष ध्यान देने व सावधानी बरतने का आह्वान किया। उन्होंने पत्रकारो से सचेतक की भूमिका का पूरे जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यदि पत्रकार इस भूमिका से विरत हुए तो अपने कर्तव्य से च्युत हो जायेंगे।

उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता को देश की दूसरी भाषा से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि वह देश में बोली जाने वाली सभी भाषाओ को राष्ट्र भाषा मानते हैं। उन्होंने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि हिन्दी देश की जनता की भाषा है। हिन्दी बहुरंगी भाषा है, जो क्षेत्रीय रंग से रंगा पड़ा है। पुलिस अधीक्षक ओंकार सिंह ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए हिन्दी पत्रकारिता से जुड़े विविध पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का राष्ट्रीय निर्माण व सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने मीडिया की जनपक्षधरता व जनस्वीकार्यता पर विशेष रूप से बल दिया। सांसद नीरज शेखर ने पेड न्यूज के प्रचलन पर चिंता प्रकट करते हुए पत्रकारों को निर्भीक व ईमानदार पत्रकारों से सीख लेने का आहवान किया।

यूनियन के अध्यक्ष अनूप कुमार हेमकर ने विषय प्रवर्तन किया तथा आगत अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में डा. केदार नाथ सिंह, पुलिस अधीक्षक ओंकार सिंह, सांसद नीरज शेखर, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक त्रिपाठी को संगठन के पदाधिकारियों ने प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रकाश चन्द्र श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी सदर खेमपाल सिंह, यूनियन के महामंत्री राजेश ओझा, मंत्री करूणा सिंधु सिंह, अमित कुमार, अनिल अकेला, सुधीर ओझा, पशुपति नाथ, मनोज चतुर्वेदी, मुहम्मद शाहिद, कृष्ण कान्त पाठक, रवीन्द्र चौरसिया, गनेश जी वर्मा, सतीश मेहता, शशिकान्त ओझा, रणविजय सिंह, प्रदीप गुप्ता, दयानन्द मिश्र, प्रदीप चौरसिया आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन डा. अखिलेश सिन्‍हा ने किया। कार्यक्रम के उपरान्त बंटी वर्मा के नेतृत्व में मनमोहक गजल कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में अधिकांश समाचार पत्रों व इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े पत्रकार भारी संख्या में मौजूद रहे।

करुणा सिंधु सिंह की रिपोर्ट.

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