नई दिल्ली। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए तीन महीने होने को जा रहे है लेकिन कांग्रेस यह मानने को तैयार नहीं कि गोवा उसके हाथ से निकल चुका है और उसे यह यकीन नहीं हो रहा है कि उत्तराखंड में अब उसका अपना शासन है। चुनाव नतीजों के मुताबिक गोवा में भाजपा ने कांग्रेस को बेदखल कर अपनी सरकार बनाई तो उत्तराखंड की सत्ता भाजपा से छीन कांग्रेस उस पर काबिज हो गई। लेकिन मजे की बात यह है कि कांग्रेस आज भी गोवा को अपना शासित प्रदेश मानती है जबकि उत्तराखंड में उसकी सरकार है, फिर भी वह उसे अपना मानने को तैयार नहीं है।
दरअसल, यह बात कांग्रेस के किसी नेता ने नहीं कही है। यह कहना है कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट 'एआईसीसी डॉट ओआरजी डॉट इन' का। इस वेबसाइट पर एक विकल्प कांग्रेस शासित प्रदेशों का है, जिस पर आप यदि जाएंगे तो पाएंगे कि कांग्रेस का शासन 12 प्रदेशों में है। यह तो सच है कि कांग्रेस आज की तारीख में 12 प्रदेशों में शासन कर रही है लेकिन यह भी सत्य है कि गोवा में उसका नहीं भाजपा का और उत्तराखंड में भाजपा का नहीं उसका शासन है।
कांग्रेस की वेबसाइट के मुताबिक गोवा का शासन आज भी उसके पास है जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उससे यह राज्य छीन लिया था। मनोहर पर्रिकर वहां के मुख्यमंत्री है। यही वेबसाइट जहां गोवा को कांग्रेस शासित राज्य बताती है वहीं उत्तराखंड का इसमें कोई जिक्र नहीं है, जहां महज एक सीट अधिक जीतकर उसने भाजपा को सत्ता से बेदखल करते हुए अपनी सरकार बनाई और विजय बहुगुणा को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।
आश्चर्य की बात तो ये है कि कांग्रेस की अंग्रेजी की वेबसाइट के मुताबिक उसके अधीन 12 राज्य है तो हिंदी की वेबसाइट बताती है उसका शासन सिर्फ 10 राज्यों में ही है। हिंदी की वेबसाइट के मुताबिक केरल और मेघालय में उसका शासन नहीं है जबकि अंग्रेजी वेबसाइट बताती है कि दोनों राज्य उसके ही अधीन है। बहरहाल, यह यदि वेबसाइट अपडेट न करने के कारण ऐसा है तो भी यह बेहद गंभीर मामला है क्योंकि कांग्रेस देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है और वह केंद्र के साथ-साथ एक दर्जन राज्यों में शासन में है। साभार : जागरण





