Pankaj Jha : एक बेहूदे संपादक ने आज अपने अखबार में लिखा कि बंद का आयोजन और पेट्रोल की कीमत बढ़ना दोनों एक ही तरह का अपराध है. कल को अगर ऐसा कोई बड़ा आतंकी हमला हो जाय, कोई नरसंहार हो जाय तो उसके खिलाफ किसी प्रदर्शन के समय भी ये 'गुनीजन' शायद ऐसे ही लिखेंगे कि जितना गलत नरसंहार है उतना ही गलत ये विरोध प्रदर्शन भी. मज़े की बात ये कि ऐसे ही बुद्धिजीवी लोकतांत्रिक अधिकारों की दलाली भी करते मिलेंगे आपको…लानत है इन पर.
Jaiprakash Rajpurohit सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन और असहयोग आंदोलन भी अपराध होंगे तब तो
Yagnyawalky Vashishth अरे प्रभो महाबंद की सफलता की बधाई आप हम से भी झोरिए ..दोहरी खुशियां है, एक तो महाबंद सफल रहा, और दूसरा राज्य सरकार का वेट टैक्स भी बढ गया
Pawan Sharma बहुत सही .
Sushil Sadh आन्दोलन जायज है किन्तु हिंसा नहीं हो
Sangeeta Kumari आपका कहना सही है……..
Pankaj Jha ऊपर वाले पोस्ट में थोडा संशोधन है. उसने ज्यादे ही खतरनाक बात कही है. उस संपादक के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थ का दाम बढ़ना नहीं बल्कि कम होना वैसा ही अपराध है जैसा आंदोलन करना अपराध है.
Girish Pankaj ha…haa…..moorkhtaa se bhara lekhan…kis mahaan sampadak ka kathan hai…?
Naresh Chandra Gupta Likhanewala UPA ka Agent hai.
Praveen Pathak 75 ki bear, 75 ki petrol, jhum le ya ghum le.
Nirmal Sahu shayad na bhi lekhen. par apne pahle socha. chor police se age rahata hai
भाजपा से जुड़े और जर्नलिस्ट के रूप में सक्रिय पंकज झा के फेसबुक वॉल से साभार.





