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बात बात पर कपड़े खोलने वाली पूनम पांडे भास्कर के मुंबई आफिस पहुंचीं

Dilnawaz Pasha : पूनम पांडे आज भास्कर के मुंबई ऑफिस आई थी। वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उनसे बात हुई। पूनम पांडे की सबसे खास बात यह है कि वो खुलकर जवाब देती है। पूनम से पूछा कि क्रिकेट ने तो आपके कपड़े उतार दिए हैं…अगर देश में मंहगाई कम हो गई…या गरीबी का आंकड़ा कम हो गया…या भुखमरी खत्म हो गई तो क्या वो भारत की संस्कृति का सम्मान करते हुए कपड़े पहन लेंगी…पूनम पांडे ने साफ कहा नहीं…उनके फैंस चाहते हैं कि वो कपड़े उतारे इसलिए वो उतारती हैं…जब फैंस चाहेंगे की वो कपड़े पहने तो पहन लेंगी…पूनम ने तो राहुल गांधी के पीएम बनने या शादी होने पर भी कपड़े पहनने से इंकार कर दिया… पूनम पांडे की आलोचना के हजार कारण हो सकते हैं…लेकिन उन्होंने हम भारतीयों की दोहरी मानसिकता को अच्छी तरह से नंगा किया है…पूनम को कपड़े पहनने का सबक सब देते हैं लेकिन उसे देखना भी नंगा ही चाहते हैं… और पूनम पांडे भी भारतीयों की मानसिकता को अच्छी तरह से समझती है..तभी तो… खैर… एक सवाल आपसे… पूनम पांडे के कपड़े उतरने से फर्क पड़ता है या नेताओं के? और पूनम पांडे के बारे में अब आपकी राय क्या है…(पूनम पांडे ने टीम अन्ना के साथ जुड़ने से भी साफ इंकार कर दिया है…वो फिलहाल स्ट्रिपिंग को ही एंजॉय कर रही हैं….)

Dilnawaz Pasha : पूनम पांडे आज भास्कर के मुंबई ऑफिस आई थी। वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उनसे बात हुई। पूनम पांडे की सबसे खास बात यह है कि वो खुलकर जवाब देती है। पूनम से पूछा कि क्रिकेट ने तो आपके कपड़े उतार दिए हैं…अगर देश में मंहगाई कम हो गई…या गरीबी का आंकड़ा कम हो गया…या भुखमरी खत्म हो गई तो क्या वो भारत की संस्कृति का सम्मान करते हुए कपड़े पहन लेंगी…पूनम पांडे ने साफ कहा नहीं…उनके फैंस चाहते हैं कि वो कपड़े उतारे इसलिए वो उतारती हैं…जब फैंस चाहेंगे की वो कपड़े पहने तो पहन लेंगी…पूनम ने तो राहुल गांधी के पीएम बनने या शादी होने पर भी कपड़े पहनने से इंकार कर दिया… पूनम पांडे की आलोचना के हजार कारण हो सकते हैं…लेकिन उन्होंने हम भारतीयों की दोहरी मानसिकता को अच्छी तरह से नंगा किया है…पूनम को कपड़े पहनने का सबक सब देते हैं लेकिन उसे देखना भी नंगा ही चाहते हैं… और पूनम पांडे भी भारतीयों की मानसिकता को अच्छी तरह से समझती है..तभी तो… खैर… एक सवाल आपसे… पूनम पांडे के कपड़े उतरने से फर्क पड़ता है या नेताओं के? और पूनम पांडे के बारे में अब आपकी राय क्या है…(पूनम पांडे ने टीम अन्ना के साथ जुड़ने से भी साफ इंकार कर दिया है…वो फिलहाल स्ट्रिपिंग को ही एंजॉय कर रही हैं….)

   

रजनीश विश्वकर्मा भ्रष्ट नेताओँ के कपड़े उतरे या ना उतरे, इज़्ज़त ज़रूर उतरनी चाहिए..
 
    Soumitra Roy वाह, पूनम पांडे भास्‍कर में आईं तो सवाल सिर्फ कपड़े उतारने तक ही सीमित रहे। जब मीडिया खुद उन्‍हें इसी नजर से देखती और दिखाती है तो सवाल क्‍यों पूछ रहे हो दिलनवाज ? क्‍या मीडिया को नेताओं के कपड़े उतरने पर कोई फर्क पड़ता है ?
 
    Soumitra Roy एक स्‍त्री का नंगापन मीडिया के बगैर बाजार में नहीं बिक सकता। मीडिया ही असल में समाज का आइना है। पूनम जब भी नए अंदाज में कपड़े उतारती हैं, तुम्‍हारे पोर्टल पर उसे पूरे सम्‍मान के साथ होम पेज पर दिखाया जाता है। पर क्‍या राजनीति की नंगई को भी क्‍या भास्‍कर डॉट कॉम उसी बेदर्दी से दिखा पाता है ?
   
    Dilnawaz Pasha बस सच यही है, खबरों तो सब तरह की होती हैं…नेताओं को बारे में तो बहुत ज्यादा…लेकिन लोग पूनम पांडे की खबरें ज्यादा पढ़ते हैं…।
    
    Poonam Kaushal poonam pandey ki har khabar ko bhaskarbadi achi tarha se cover karta hai…. bhaskar ka page dekho toh wo hi nazar aati h…..pata nai yeh chakar kya h???
     
    Soumitra Roy तुम्‍हारा कमेंट ही तुम्‍हारे सवाल का जवाब है दिलनवाज।
     
    रजनीश के झा patrkaarita ka ponam pandey karan bhaskar ka hi to kiya karaya hai 😉
     
    Rachana Soni kapde utarna koi talent nahi hai jise vo bade gurur se karmvirta ki shreni me rakh rahi hai ….wah bhartiy naari pe kalank hai …jo maryada ki misal hai , tyag ki murti hai , jo sneh aur mamta ke liye vishv me jani jati hai …….nangapan koi kala nahi hai …isse bhartiy mahilao ke prati vishv me chhavi khrab hoti hai ….mai khilaf hu iske
     
    Kuldeep Mishra इधर चंडीगढ़ से हमने मोर्चा संभाला हुआ था. आपको मैं पहचान नहीं पाया. वैसे नोएडा से बहुत बोल्ड सवाल आ रहे थे.
     
    Yogesh Garg इसी प्रंसगवश मैने कल ही एक लेख लिखा था , उसके कुछ अंश दिखा रहा हूं ।
    अभी थोड़ा और लिखना बाकी है
    भारतीय समाज में काम (सेक्स) सम्बन्धी मानसिकता
    =====================================

    मुझे लगता है पहले आदमी के चेहरे पर मुखौटा नही था , जो भी था खु्ले आम स्वीकार्य था,
    स्त्री मोह मे हरण और गंधर्व विवाह की सामाजिक स्वीकृति थी । खजुराहो का स्थापत्य , वात्स्यायन के कामसूत्र और रति कामदेव की संकल्पना अतीत के खुलेपन की गवाही देते है
    समाज शास्त्री दावे करते है सभ्यता निरन्तर प्रगति करती हुई बेहतर समाज और मूल्यो का निर्माण करती है आज सभ्य होने के भरसक चेष्टा के बावजूद आदमी के मन से काम(सेक्स) को लेकर पाशविक प्रवृति नही गई है । फिल्मे , मीडिया और चैनल, और विज्ञापनो का मनोविज्ञान मनुष्य की काम पिपासा से अछूता नही हैं । महिलाओ और बच्चो के प्रति बढते यौन अपराध इसी सत्यता को प्रमाणित करते है ।
    फिल्म "डर्टी पिक्चर" में 'सिल्क स्मिता' के पात्र के माध्यम से इस मानसिकता को उजागर किया गया है , की समाज में सेक्स बिकता है , संस्कृति के नाम पर गाल बजाने वाले खुद मुंह पर कपड़ा लपेटकर दिन ढले रात के अंधरे में 'सी ग्रेड' के सिनेमा घरो में नजर आया करते है ।
    ऐसे लोगो की भी कमी नही है जो दिन के उजाले में चार आदमियो की बीच में बैठकर ' सन्नी लियोन' को बदचलन वेश्या कहते है और रात को उसी के नग्न विडियो और चित्र इंटरनेट पर तलाश कर अपनी काम ' जिज्ञासा युक्त पिपासा शान्त करते पाये जाते है ।
    भारतीय समाज के ये दोगली मानसिकता है । एक और उदाहरण दुंगा
    बालीवुड यानी फिल्मे – संवाद और दृश्य इसी समाज के प्रतिबिम्ब है , आइट्म सांग की नचनियाओं के नाम की बानगी देखिये शीला , मुन्नी, चिकनी चमेली, जलेबी बाई ,आदि क्या ये विशुद्ध कोठे वाली मानसिकता के परिचायक नही है ?
 
    Himanshu Dwivedi पूनम पांडे का नंगापन मीडिया के जरिये जितना बाज़ार में बिका है उससे कहीं अधिक सोशल मीडिया पर (मुफ्त) बँटा है, और बांटा स्वय पूनम पांडे ने है !
 
    Abhishek Kumar Srivastava gud wrk by u all..real wrk
   
    Anik Gupta Its a fake news dat kiranbedi wants her in teamAnna.
    
    Chandra Jain Tetaon ke kapde utarne chahiye.
     
    Monis Khan Ministers inderctly enjoys the show, thats y they never take any forward step
     
    Ankit Mutreja सर मेी जहा तक समझता हू ये हमारे समाज का ही एक नंगा हिस्सा शीशे में से दिखता है और ज़ाहिर सी बात है मीडिया का काम है इसे दिखाना अगर लोगो को इसमे कोई अपति नज़र आती है तो वो ऐसी चीज़ो का बहिष्कार करे .. अरे आँखो आँखो में बलात्कार करने वाले पुरुष है यहा .. कई दफ़ा देखा है मैने इतने तुछ तरीके से आँखे फाड़ देखते है ..अब पूनम कपड़े उतार रही है तो स्वाभिक सी बात है उन्हे उनके मेहरबान कदरदान भी मिल रहे होंगे.
    
    अब्दुल्लाह युसूफ अब तक के सारे status में सबसे घटिया यह वाला है | आपने कहा की लोग इसे कपडे पहनाना चाहते भी है और इसे नंगा देखना भी चाहते है …यह आपकी बोहुत बड़ी गलत फ़हमी है भाई अब लोग इसे भूल चुके है क्युकी जो चीज़ यह लोगो को दिखाने का वादा करती है और फिर नहीं दिखाती उससे ज्यादा गहराई में सन्नी लिओन दिखा रही है | और इसके कपडे पेहेन्ने से या न पेहेन्ने से कोई फरक नहीं पड़ता नेट भरा पडा है इसकी माओ से | यह तो अभी बच्ची है या यूं कहो यह अभी भी पुरानी खयालो की है जो अपने उन अंगो पर पर्दा डाल देती है जो अब कोई बड़ी बात रह नहीं गए है …..इसके बारे में सिर्फ इतना ही कहूँगा की काम मांगने के लिए किसी लड़की को इतना मजबूर मेने पहली बार देखा है की वो बेचारी हद में भी रहना चाहती है और हद पार भी करना चाहती है लेकिन कुछ कर नहीं पाती …..यह जो कुछ दिखाने का झासा देती है वो आज से १५ २० साल पहले हव्वा हुआ करता था अब तो गूगल में लिख दो इसकी माये यह कारनामा गहराई में करी हुई बेठी है हा हा हा बेचारी कोई इसे काम देदो यार
     
    Rajvir Dhillon hamam me sab nange…
    par jab kuch logo ke liye media hi hamam ban gya hai…wo log apna hamam sab ko dekhana chahte hai iske zariye….
    ye b sach hai ki sab log esi cheeze dekhte hai…
    or poonam ke liye nanga honga ab uska profesn bn gya hai..

भास्कर से जुड़े युवा पत्रकार दिलनवाज पाशा के फेसबुक वॉल से साभार

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