अलीगढ़ से सूचना है कि यहां पर अखबार वितरकों ने दो दिन से हड़ताल कर रखा है. कोई अखबार नहीं बंट रहा है. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे अखबारों के प्रसार विभाग के लोगों ने खुद स्टाल लगाकर अखबार बेचना शुरू किया लेकिन इस कवायद से सौ पचास कापियां ही बिकीं. बताया जाता है कि जब हिंदुस्तान अखबार अलीगढ़ में लांच हो रहा था तब प्रति अखबार हाकरों को कमीशन 75 पैसे मिलते थे. हिंदुस्तान ने लांचिंग के बाद कमीशन प्रति अखबार एक रुपये कर दिया. यह देख अन्य अखबारों ने भी कमीशन प्रति कापी एक रुपये कर दिया.
अब सारे अखबारों ने मिलकर कमीशन को अचानक घटाकर 75 पैसे कर दिया है. बढ़ती महंगाई में इस तरह का छल किए जाने से अखबार वितरक नाराज हो गए और अखबार न बांटने की घोषणा कर दी. मजबूरी में अखबार वालों को काउंटर सेल की व्यवस्था करनी पड़ी है. टेंपो, आटो आदि पर लाउडस्पीकर बांधकर अखबार बेचा जा रहा है. पर इस सबसे बहुत कम पाठकों तक अखबार पहुंच पा रहा है. हाकरों ने अखबार सेंटरों पर हंगामा करना शुरू कर दिया है. हाकरों को मनोबल तोड़ने के लिए अखबार प्रबंधन अपने पत्रकारों व अन्य कर्मियों को सेंटर पर भेज रहा है ताकि पुलिस बल के सहयोग से हाकरों पर दबाव बनाया जा सके. आज रात सेंटरों पर पुलिस बुलवाकर हाकरों को धमकाया गया. अखबार प्रबंधक भी हड़ताल के चलते अखबार की बहुत कम कापियां प्रकाशित कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि आज रात हाकर एक बैठक करके आगे का रणनीति घोषित करेंगे. माना जा रहा है कि हाकरों को अगले कुछ दिनों में दबाव बनाकर कम कमीशन पर ही अखबार बांटने को मजबूर कर दिया जाएगा.





