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”रणवीर सेना के गुंडों के साथ खड़ी है बिहार की नीतीश सरकार”

Anand Pradhan : पटना की सड़कों पर रणवीर सेना के गुंडों-लफंगों ने जिस तरह से सरकारी संरक्षण में खुलेआम लूटपाट, मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी, महिलाओं/लड़कियों के साथ छेड़खानी, आमलोगों और मीडियाकर्मियों पर हमला किया है और अराजकता और उपद्रव के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, इससे नीतिश कुमार के सुशासन की पोल खुल गई है…इस सरकार ने सामंती-अपराधी गुंडों के आगे समर्पण कर दिया है…कल आरा और आज पटना में जो कुछ हुआ है, उससे बिहार में ‘सुशासन’ की सच्चाई सामने आ गई है…लगता है कि बिहार में कानून का राज खत्म हो गया है…बिहार के लिए काला दिन है यह…लेकिन सवाल यह है कि इन सामंती गुंडों को ताकत कहाँ से मिल रही है?

Anand Pradhan : पटना की सड़कों पर रणवीर सेना के गुंडों-लफंगों ने जिस तरह से सरकारी संरक्षण में खुलेआम लूटपाट, मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी, महिलाओं/लड़कियों के साथ छेड़खानी, आमलोगों और मीडियाकर्मियों पर हमला किया है और अराजकता और उपद्रव के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, इससे नीतिश कुमार के सुशासन की पोल खुल गई है…इस सरकार ने सामंती-अपराधी गुंडों के आगे समर्पण कर दिया है…कल आरा और आज पटना में जो कुछ हुआ है, उससे बिहार में ‘सुशासन’ की सच्चाई सामने आ गई है…लगता है कि बिहार में कानून का राज खत्म हो गया है…बिहार के लिए काला दिन है यह…लेकिन सवाल यह है कि इन सामंती गुंडों को ताकत कहाँ से मिल रही है?

इन सामंती गुंडों-अपराधियों को ताकत मिल रही है, जे.डी-यू, भाजपा, राजद और कांग्रेस जैसी पार्टियों और उनके नेताओं से जो इन अपराधियों के आगे घिघिया रहे हैं…साफ़ है कि बिहार के गरीब-गुरबों को अपने हक-हुकूक और अपनी हिफाजत करने लिए खुद खड़ा होना होगा…क्योंकि नीतिश की सरकार तो इन गुंडों के साथ खड़ी है… लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बिहार में इतिहास के पहिये को पीछे लौटा ले जाने की यह उन्मत्त कोशिश कामयाब हो पाएगी? दिया बुझने से पहले भभकता है…बिहार में भी सामंती ताकतें बुझने से पहले भभक रही हैं…उनका हश्र तय है…उनकी जगह सिर्फ इतिहास के कूड़ेदान में है…बिहार इसका अपवाद नहीं है…

        Yogesh Singh नितीश को शासन को कोई भी नाम दे दे चलेगा गुंडे ,उन्मादी उन्माद फैला रहे हैं ये भी माना पर हत्यारे को छुपा कर इतनी संज्ञा गढ़ देना ये समझ में नहीं आया ……
 
        Kanpur King isko gunda kahan galat hai. mai puri tarah ranbiir sena k sath hu usne jo bhi kiya bilkul thik kiya
 
        Kunal Dutt Feudals aur politicians ke beech mera Bihar pis raha hai..galti us zameen ki to nahi thi lekin bojh use hu uthana hoga apne itihas ke sharmnak adhyayon ka..Nitish ki to pol pehle hi khul gayi thi sir, media ne chupa rakha tha…aaj aagh itni lagi hai ki media ki kali chaadar bhi jal gayi..koi mere Patna/Bihar ko in dharti ke kalnkon se bachaiye..
   
        Prem Kumar Sir maaf kare aap is aag me ghee mat dale please please. Aap jaise tathakathit secularist aise kahenge to ho gaya bera gark
    
        Harsh Mishra bharat me loktantra to thi nahi na hi hai ,(police/prashahn,kanoon/court,leader/party,media sabhi to kamchor hai
     
        Kunal Dutt sir, yehi karan hai ki aaj bhi bihariyon ko apne upar prid enahi hain..bahar jakar apna parichay dene se katrate nhai,,pehchan chupaten hai..akhir jaatiwad ke bhoot se door bhagne ke unke liye wahe ek rasta bachta hai..
      
        Kunal Dutt ‎*pride nahin
       
        Harsh Mishra paisa do kuchh bhi chhap dega mrdia wala ,aapke gaon me criket to 1500 rs.do chhap dega,pooja karo 1000rs.do chhap dega
        
        Kanpur King baat jatiwaad ki nahi hai. baat ranbir srna ki hai aur ranbir sena ne kuch galat nahi kiya aur iswar ki kripa se vo apna kaam jari rakhege
         
        Kanpur King jai mata di
         
        Bhai Kumar yahi hai Bihar aur Bihar ki Samanti mansikta
         
        Devkumar Pukhraj आनंद जी ,जिस तरह भाकपा माले नामधारी उग्रवादियों की एकतरफा गुंडगर्दी के प्रतिक्रिया स्वरुप रणवीर सेना औऱ उसके प्रमुख ब्रह्मेश्वर सिंह पैदा हुए थे,ठीक उसी प्रकार एक इंसान की निर्ममता से हुई हत्या का ये प्रतिक्रिया मात्र है जो आज पटना और कल आरा में देखा गया। इसे सामंतो की गुंडई कहकर उग्रवादियों द्वारा चार दशक से की जा रही अनवरत हत्या औऱ आगजनी की घटनाओं को न्यायोचित मत ठहराइये। हम आपकी वैचारिक धरातल से वाकिफ हैं.
         
        Kanpur King ye haal kewal bihar ka nahi balki pure bharat ka hona chaiye aur iski jimmedar sirf kendra srkar hai
        
        Bhai Kumar is mansikta ko khatma kiye bina bihar ka kabhi vikas nahi ho sakta ha naye naye RAJA ayenge naye tariko se humen murkh banayenge aur jab unki asliyat pata chal jayegi hum kisi naye Raja ki talash me lag jayenge
         
        Shyam Krishna Gupta बथानी टोला नरसंहार में मरने वाले लोगों में अधिकतर भूमिं हीन गरीब परिवारों के लोग थे जिनमें महिलाओं और बच्चों कि संख्या ज्यादा थी .आज एक न्यूज चैनल पर उस नर संहार के पीड़ित नईमुद्दीन बता रहे थे उनके तीन साल कि बेटी को हत्यारों ने गेंद कि तरह उछाल कर गोली मारी थी आज तक किसी हत्यारे को कोई सजा नहीं मिली .पिछले दिनों पटना हाई कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को दोष मुक्त कर दिया .नितीश सरकार इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायलय में नहीं गयी .क्या अब वह दोषमुक्त किये गए सारे आपराधियों को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान करेगी ?
        
        Kanpur King ye jatiwadita tab tk khatm nahi ho skti jab tk jati k adhar pr reservation khatm nahi hota
         
        Kanpur King shayam ji aap nitish ki baat kar rahe hai aur soniya ko bhul gaye jisne apne pati k hatyaro ko hi maut ki saza nahi hone di
         
        Kanpur King aur kis media ki bat karte hai aap jo puri tarah se congress ke hantho bik chuka ha ? media wale modi ji k naam pr guj dande to dikhate hai lekin kaarsewako ke bare mi kuch nahi kahte
 
        Vivek Dutt Mathuria ise bhi sushan kahate hai ….
 
        Vivek Dutt Mathuria Sir ise bhi sushan kahte hai …
   
        Deepak Kumar Pandey susasan ke satahi dawe ki pol arajkata ne khol di hai………..jab shasan vargiya sanrakshanwadi ho jata hai to aise hi parinam honge.
    
        Pramod Kumar Sach kaha sir……..sayad inka sushansan yehi ho……….akhir thahre to ram rajya wle……….
     
        Girijeshwar Prasad देवराज जी,गरीबों की हत्या को आप जैसे लोग न्योयोचित ठहराते रहे हैं। ब्रह्मेश्वर के साथ खड़े लोग उसके द्वारा या उसके संरक्षण में हुइ हत्याओँ के समर्थक नहीं है? रणवीर सेना उन्ही लोगों के समर्थन से बनी,चली और सैंकड़ों हत्याएँ की। पटना में ये रणवीर सेना के सदस्य थे,जो पटना में गुंडई कर रहे थे।रही बात वैचारिक धरातल की तो रणवीर सेना के सदस्यों और समरथकों की वैचारिक धरातल सैंकड़ों वरषों से जानी पहचानी है। गरीबों-कमजोरों का शोषण -दमन और लूट।
    
        Alok Anand ‎95% SATISFIED
     
        Amit Kumar aap jaise log hi delhi m baith ke bari bari bate karte hai
      
        Rajeev S Raju रणवीर सेना बनाने वाले भूमिहार,,आपकी जातीय समुदाय से ही हैं,,खैर ये आपका दुर्भाग्य हो सकता है,, लेकिन गुंडे का कोई समुदाय नहीं होता,,गुंडा गुंडा होता है,,चाहे सामंती हो,,या फ़कीर,,जिन संगठनों के विरोध में रणवीर सेना गठित हुयी,,उनका आप लोग डंके की चोट पे समर्थन करते हैं,,खैर हिंसा गलत है,,मै उसका विरोधी हूँ,,   —बिहार विकास में नंबर वन है,,ये भी लोग जानते हैं…गुंडई का विरोध करिए,,सब चीज़ टके शेर मत तौलिये…
 
        Shantanu Kumar Raju bhai , main puri tarah aapse sahmat hun. Desh ka durbhagya yahi hai ki log ek hinsa ko sahi aur pratihinsa ko galat thahra dete hain
   
        Amarendra Kishore Nitish na Bihar ki tasveer badal sakte hain aur na he takdir…………….
    
        Yogesh Kumar Gulati ‎@Rajeev S Raju "शायद आप ही के लिए कबीर दास जी ने सैकड़ों साल पहले कहा था….जात ना पूछो साधू की पूछ लीजिए ज्ञान! एक शिक्षक को जातिसूचक संबोधन से संबोधित कर आप अपने ज्ञान का परिचय दे रहे हैं! जब तक आप जातिवाद का बीज अपने अन्दर छिपा कर रखेंगे तब तक आप वैचारिक शुद्धि तक नहीं पहुँच पाएंगे. किसी भी समस्या के समाधान के लिए पहले पूर्वाग्रहों का त्याग और वैचारिक शुद्धि की आवश्यकता होती है. केवल ऊपरी तौर पर जातिवाद की खिलाफत करना और अपने अन्दर जातिवाद का बीज छिपा कर रखने से ही आज हालात यहाँ तक आ पहुंचे हैं!"
      
        Shantanu Kumar Har hinsa galat hoti hai. Magar kuch SO CALLED WHITE COLLERs naxalion ke hinsa ka khuleam samarthan karte hain aur police ki karya wahi ko nagrik adikaro ka hanan batate nahi thakte.
        
        विद्या भूषण पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लगता है कि भारतीय संविधान बेबस है या उसके साये में पलने वाले गुंडे ज्यादा ताकतवर, ये लोकतंत्र कि कमजोरी का प्रमाण है, अगर दोषियों को सजा जल्दी मिले तो ये चोर टाइप के लोग मुंह कभी ना दिखा पाते
         
        Gopal Rathi wo subah kabhi to aayegi
         
        DrPiyush Shukla Rajiv shukla k channel pe apka comment dekh raha hu
         
        Shantanu Kumar Kya sasan ka kartaya nahi hai ki ek apradhi ko nyayochit dand milne tak surakchhit rakhe na ki use khuleaam gundon ki golion ka shikar ban ne de. Lekin aj patna me jo kuch bhi hua us par sabhi 'MANUSYON' Ko milkar mafi mangna chahiye. Ise naxal ya sananti chasme se nahi dekhna chahiye.
         
        Rajeev S Raju ‎@yogesh kumar gulati..तो क्या साधू का ज्ञान ये कहता है की,,pwg,mcc और भाकपा माले की हत्याओं का समर्थन करिए,,और उसकी प्रतिहिंसा का विरोध करिए,,यही है वैचारिक पवित्रता,,बिहार में कितना साधुवाद है,,कितना जातिवाद,रणवीर सेना क्यों बनी,, शायद इसका ज्ञान आपको नहीं है,,नहीं आप ऐसी बात नहीं करते,,गुंडे सामंती कहाँ से हो गए,,गुंडे तो गुंडे होते हैं,,,कथनी करनी में फर्क जहाँ,,धर्म नहीं पाखंड वहां,,मै ज्ञानी नहीं हूँ,,लेकिन इन परिस्थितियों को अच्छे से देखा हूँ,,बस मेरा कहना ये है,,की गुड खाकर गुलगुले से परहेज न किया जाये…ठेस के लिए खेद है..
       
        Anand Pradhan क्या बिहार में कोई सरकार है?…
        
        Yogesh Kumar Gulati ‎Anand Pradhan "वोट-बैंक की राजनीति ने व्यवस्था को अपाहिज बना दिया है. सर्वोपरि होते हुए भी संविधान मूक-बधिर हो गया है. देश के लगभग हर हिस्से का यही हाल है. एक संप्रभु राष्ट्र में किसी भी ताकत का क़ानून और प्रशासन के आगे टिकना नामुकिन है, लेकिन यहाँ तो खुले आम क़ानून की धज्जियां उड़ाई जाती हैं और क़ानून मूक दर्शक बना सब कुछ देख रहा होता है. शक्तिशाली क़ानून की बांह मरोड़ रहे हैं और कमज़ोर न्याय के लिए क़ानून के द्वार पर सर पटक रहे हैं. ये स्थिति देश के तमाम राज्यों में है, क़ानून और व्यवस्था की स्थिति राजधानी दिल्ली में ही किसी से छिपी नहीं है. तो फिर अकेले बिहार को ही दोष क्यों दिया जा रहा है?"
        
        Rakesh Kumar Singh sarkar yahi chahti hai. lampaton ke din lad gaye ab. ab na ukhad paayege ye raniviriye …
        
        Anand Pradhan सामंती-अपराधी गिरोह रणवीर सेना के समर्थकों से बहस या बातचीत संभव नहीं है…जो लोग रणवीर सेना की पैदाइश के लिए माले और उसके नेतृत्व में चले दलितों-पिछडों के हक-हुकूक के आंदोलन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वे अच्छी तरह जानते हैं कि रणवीर सेना क्या है और माले क्या है? साफ़ है कि ये चाहते हैं कि बिहार में गरीब-गुरबे दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यकों को चुपचाप अपराधियों-सामंतों-बाबू साहबों का अत्याचार सहते रहना चाहिए…माफ करिये, ये संभव नहीं है…दर्जनों नरसंहारों के बावजूद अब गरीब-गुरबों की न्याय और सम्मान की इस लड़ाई को दबाना संभव नहीं है…बिहार में जमींदारों-कुलकों की कुंअर सेना, सनलाईट सेना, भूमि सेना, लोरिक सेना, ब्रह्मर्षि सेना जैसी कई निजी सेनाएं इतिहास के कूड़ेदान में जा चुकी हैं…रणवीर सेना की जगह भी वहीं है….
         
        Puja Shukla देश में आजकल अपना दुःख / विरोध जताने का तरीका यही हो चला है, जिसके लिए शासकीय लचरता जिम्मेवार है पर गुंडे आदि अलंकरण की लेखनी करने वाले मनीषियों से ये भी सवाल है की अगर हर विरोध पर सरकारे तिआंनमेंन चौक बनाने लगे तो क्या होगा? ऐसे वक़्त में जब सरकार संकट की स्तिथि से गुजर रही है तब फेसबुक, अखबार टीवी आदि मीडिया पर राजनैतिक हत्या या राजनैतिक घटनाओं का राजनैतिक सोच व् जातीय सुगमता के आधार पर इस तरफ या उस तरफ ब्यानबाजी कोई भी लिखे या सड़को पर गुस्सा कोई भी निकाले पिटती सरकारें ही है. व्यक्तिगत रूप से मेरा इस तरह की भाषा का विरोध है ये हद दर्जे की आत्म्सुगमता है
         
        Awesh Tiwari ब्रह्मेश्वर प्रसाद उर्फ मुखिया जी की मौत पर चर्चा करना भी एक किस्म का चुतियापा है |गनीमत थी कि बिहार में थे ,अगर छत्तीसगढ़ या उड़ीसा में होते तो कब का टीप दिए गए होते |सामंतवाद का जातिवाद से नाता जोड़ना वामपंथी लंठई है |मुखिया ,सीधे -सीधे आम जनता के बीच अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए खौफ और दहशत का माहौल रचकर समूचे बिहार में नंगा नाच कर रहे थे |उनकी हत्या किसी ने भी की हो ,लेकिन उस पर सभ्य समाज की सहमति जरुर है |
         
        Navendu Kumar Sinha jaati ke aage rajniti ke samarpan ki raudra gatha hai ye,jisne "sushasan" ki pol-patti ke chithre uda diye.bihari satta-samaj ke liye sirf itna ki…sangharsh avi samapt nahi hua…ladai avi baaki hai!
         
        Yogesh Kumar Gulati किसी भी सभ्य समाज में हिंसा हर हाल में निन्दनी है. इसलिए जो लोग इस ह्त्या का समर्थन कर रहे हैं उनसे मेरी गुजारिश है कि विवेक का परिचय दें! हथियारों के बल पर मासूमों का खून तो बहाया जा सकता है लेकिन किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता".
         
        Niraj Singh आपसे सहमत हूं…जिस ब्रांड की मार्केटिंग में हम लगे थे इस घटना से उसे धक्का लगा है।
         
        Girijeshwar Prasad एक बार फिर साफ हो गया है कि बिहार में सामंतों की सरकार है। रणवीर सेना की सरकार है।
         
        Armendra Amar ‎Anand Pradhan.. सर माफ़ कीजियेगा आज आपसे पहली बार आंख से आंख मिला कर कुछ बोलने की हिम्मत कर रहा हूँ… लेकिन जब इतने बड़े लोग दलित पिछडों का इतना समर्थन करते हैं तो प्लीज़ उनके संरचनात्मक विकास पर ध्यान क्यूँ नहीं देते है….. जमीनी स्तर पर उनकी शिक्षा .. और जीवन स्तर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए . उन्हें रचनात्मक कार्य में लगाने की बजाये विध्वंसात्मक कार्य में लगाना .. अपहरण.. सार्वजनिक सम्पति को नुकसान .. अर्ध सैनिक बलों की हत्या ..मासूम लोगो की हत्या… बड़े अगडे भुमिपतियों के जमीं पर लाल झंडा गाडना कहाँ तक गलत है….. हद हैं इतने बड़े बड़े लोग हैं समर्थन में फिर भी.. उनकी दशा क्यों नहीं सुधरती .. सच तो यह हैं.. कि..ऐसे बड़े सब लोग उनकी आड़ राजनीती चमकाने का धंधा ढूंढते है…..रही बात रणवीर सेना की तो वह कूडेदान में जरुर जायेगी,,, लेकिन बदलते समय के साथ नयी तस्वीर में आएगी.. मैंने वो दौर भी देखा है..जब गावं में हर दिन लोग मौत के साये में जीते थे.. और फिर युद्ध के बाद शांति का दौर भी देखा… क्या सन २००० के बाद बिहार में कोई बड़ा नरसंहार हुआ क्या..नहीं न..संतुलन के लिए शक्ति आवश्यक है…सर फिर माफ कीजियेगा…मैंने बस अपनी बात रखी है…आपको ठेस पहुचना मेरी मंशा नहीं है…
         
        Surender Sagar bade afsos ki baat ji ki iski hatya kuch logo ne ki jabki iski kanooni hatya bahut pahle honi chahiye thee .. lekin brahmnwaadio ne aisaa nahi kiyaa
         
        Satyendra Pratap Singh पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्र ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि बरमेश्र्वर मुखिया सामाजिक न्याय व सद्भावना बनाए रखने के पक्षधर थे।
         
        Nadim S. Akhter क्या बात है आनंदजी, जिस तरह आपने बिहार सरकार और रणवीर सेना की बखिया उधेड़ी है, पढ़कर अच्छा लगा. दरअसल हमारे देश में समस्या कोई नहीं है..समस्या सिर्फ राजनीति है..जिस दिन 'जनता के लिए' राजनीति होने लगेगी. उस दिन देश आजाद हो जाएगा. मैं तो इसको अभी भी गुलाम मानता हूं..पहले अंग्रेज थे..अब लोकतंत्र का जामा पहने हमारे छद्म राजनेता हैं.
         
        Amit Kumar हत्या की आलोचना होनी चाहिए।हत्या के खिलाफ हो रहे आँदोलन की नहीँ।
         
        Dinbandhu Shukla yeh 1 swabhwik pratikriya hai.hame maowad & ranveer sena ke gathan ke mool me jana hoga.
         
        Anand Pradhan ‎Puja Shukla: पूजा जी, पटना और आरा में जो मुट्ठी भर लोग सड़कों पर खुलेआम तोड़फोड़, आगजनी, मारपीट, छेड़छाड़-बदतमीजी और दहशत फ़ैलाने में लगे हुए थे, उसे गुंडागर्दी नहीं तो और क्या कहा जाए? क्या यह लोकतान्त्रिक विरोध था? इस गुंडागर्दी की तुलना आप तियेन-मन चौक से कर रही हैं? और आप उस सरकार को क्लीनचिट दे रही हैं जिसने फारबिसगंज में गरीबों पर गोली चलाने और उन्हें पैरों के नीचे बेदर्दी से कुचलने में कोई तकलीफ नहीं हुई थी…आपको क्या लगता है कि नीतिश कुमार की सरकार गरीब-गुरबों के हक-हुकूक के सवालों पर होनेवाले प्रदर्शनों पर भी ऐसा ही “लोकतान्त्रिक” रवैया अख्तियार करेगी, जैसाकि आज पटना में दिखा? समझने की कोशिश कीजिए, ये खाप पंचायतों के बिहारी संस्करण हैं….
         
        Nadim S. Akhter आनंदजी से सहमत.
         
        Rajeev Kumar this is fact but kanun ka raj tha hi kab wo to dande ka raj tha sari midiya hijak kar li gai thi
         
        K Vivekanand Rajesh ‎@puja shukla @anand pradhan : gundo ko gunda kehne me kya sharm honi chahiye bhala?? lagta hai ek naya trend zor pakad raha hai; sarkar ki mukhalafat karne walo ki mukhalafat!! Sarkar apni karni ki wajeh se mushkil sthiti me hain, janta chun ke bhejti hai to kuch ummeedo ko poora karne ke liye, kisi bhi sarkar ko taqlif hai sawalaat se, to shauk se gaddi chhod de aur aaram bahri zindagi jiye, janta to sawal puchegi aur gariyagi bhi, bhasha bhi wahi chunegi…

        P.S. Gazab hai dunia; jaan de do, magar uff ki awaz bhi na karo…
 
        Nitesh Ranjan पटना की सड़कों पर आज जो नजारा दिखा उसके पीछे निश्चित ही नीतीश की एक सोची-समझी रणनीति रही है दरअसल नीतीश की शासन के इन छः सालों में पिछड़े और अतिपिछड़ों की एक जमात भी अंदर-ही-अंदर नीतीश की खिलाफत करने लगी है एसे में अगड़ी जाति के लोगों द्वारा किये जा रहे उपद्रव का भय ही है जो पिछड़े और अतिपिछड़ों की उस जमात को एक बार फिर नीतीश के पक्ष में खड़ा रहने को मजबूर कर सकता है।

भाकपा (माले) से जुड़े और आईआईएमसी में बतौर प्रोफेसर कार्यरत आनंद प्रधान के फेसबुक वॉल से साभार.

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