वरिष्ठ पत्रकार से राजनैतिक विश्लेषक और राजनैतिक विश्लेषक से नेता बने यूसुफ़ अंसारी ने एक्शन पार्टी के नाम से एक नये राजनैतिक दल की स्थापना की है. डेढ़ दशक से भी ज्यादा वक्त तक पत्रकारिता में सक्रिय रहने के बाद यूसुफ़ अंसारी ने राजनैतिक में कदम रखे थे और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पीस पार्टी का दामन थाम लिया था. पीस पार्टी में यूसुफ़ अंसारी को राष्ट्रीय महासचिव पद की ज़िम्मेदारी दी गई थी, लेकिन चुनाव के नतीजे आने के बाद यूसुफ़ अंसारी ने पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अय्यूब पर परिवारवाद समेत कई आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था. यूसुफ़ अंसारी के साथ पीस पार्टी के कई लोगों ने पार्टी को अलविदा कह दिया था, जिनमें पार्टी के राष्ट्रीय सचिव शमीम अंसारी भी शामिल थे.
अब यूसुफ़ अंसारी ने एक्शन पार्टी के नाम से एक नये दल का गठन किया है, जिसकी पहली बैठक 2 जून को दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन इलाके के ग़ालिब ऐकेडमी सभागार में आयोजित की गई थी, जिसमें पार्टी के करीब 200 सदस्यों ने शिरकत की, बैठक में पीलीभीत, बरेली, सहारनपुर, बिजनौर, लखनऊ, मेरठ, ग़ाज़ियाबाद, मोदीनगर, हापुड़ के पार्टी सदस्य शरीक़ हुए. बैठक में तय किया गया कि पार्टी 2013 में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी मौजूदगी दर्ज करायेगी और ज़्यादा से ज़्यादा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी, दिल्ली विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए 2014 के लोकसभा चुनावों का ट्रायल होगा, जिसके बाद 2014 में होने वाले आमचुनावों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी. यूसुफ़ अंसारी का दावा है कि एक्शन पार्टी से वो बुद्धीजीवी वर्ग जुड़ा है जो देश की दशा और दिशा दोनों बदलने में अहम भूमिका अदा कर सकता है.






