अभी तक जिस बात का नईदुनिया को भय था, वो बात होने जा रही है. नईदुनिया के नए प्रबंधन (जागरण समूह) से चोट खाये 'नेशनल दुनिया' ने गढ़ में सेंध लगाने का फैसला कर लिया है। ताजा खबर ये है कि भोपाल से 'नेशनल दुनिया' की तैयारी आकार लेने लगी है। हॉल ही में 'नेशनल दुनिया' का ब्यूरो खोलने के लिए ऑफिस देख लिया गया है। महाराणा प्रताप नगर के प्रेस काम्प्लेक्स मे जागरण के ही पुराने ऑफिस को 'नेशनल दुनिया' के लिए तय किया गया है।
नईदुनिया प्रबंधन के लिए दुःख की बात ये है कि 'नेशनल दुनिया' के लिए ये सारे काम भी नईदुनिया के भोपाल संस्करण के संपादक स्तर के एक सीनियर और उनके एक साथी कर रहे हैं। 'नेशनल दुनिया' और नईदुनिया के प्रबंधन के बीच तलवारें तभी से खिची हैं, जब जागरण समूह ने 'नईदुनिया' खरीदने के तत्काल बाद नईदुनिया का दिल्ली संस्करण बंद कर दिया था। संपादक आलोक मेहता ने इस मुसीबत का सामना करते हुए रातों-रात 'नेशनल दुनिया' निकाल दिया और नईदुनिया के प्रसार को समेट लिया। हिंदी पत्रकारिता जगत कि ये एक अनोखी घटना थी। यही कारण है कि 'नेशनल दुनिया' और जागरण समूह में तकरार है और इसे अखबारी मुकाबला बनाने के लिए 'नेशनल दुनिया' का ब्यूरो भोपाल में खोला जा रहा है, जो भोपाल संस्करण की नींव भी रखेगा।
इस पूरे प्रसंग में मुद्दे की बात ये है कि नईदुनिया को निपटाने के लिए घर में ही बारूद बिछाया गया है। नईदुनिया के भोपाल संस्करण में आलोक मेहता का चहेता कौन है, ये किसी से छुपा नहीं है। लेकिन, नेशनल दुनिया के लिए जाजम बिछाने के लिए इस बार इंदौर के संपादक जयदीप कर्णिक और मार्केटिंग हेड मनीष शर्मा भी सक्रिय लग रहे हैं। क्योंकि, दोनों को इस बात के संकेत मिलने लगे है कि दोनों अब ज्यादा दिन जागरण के साथ नहीं चल सकते।






