: कानाफूसी : यशवंतजी नमस्कार, गुजरात के पत्रकारों की मानो लॉटरी लग गई है. गौतम अदानी की चापलूसी करनेवाले पत्रकारों की चर्चा पूरे गुजरात के मीडिया में सबसे हॉट खबर बनी हुई है. अपने आपको पत्रकारिता के महारथी बताने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को अदानी की चापलूसी का फल मिला है. मोदी और अदानी के लिए पत्रकार से दलाल बने ३० पत्रकारों को अदानी ने अपनी सेवा से खुश होकर २५ से ७० लाख रुपए की कीमत के फ्लैट की सौगात दी है.
वैसे ये कोई एक घटना नहीं है. देशभर में काले धन की बात को आवाज़ देने वाले गुजरात के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों की ही जाँच कराई जाये तो करोड़ों की काली कमाई तो इन्हीं के पास से निकल आएगी. इन लोगों ने अपने कर्तव्य को भुला कर सरकार और उद्योगपतियों के बीच की दलाली कर काली कमाई इकट्ठा की है. रातोंरात "कीन्स-विले" में करोड़ों के प्लाट और लग्जरियस फ्लैट्स और कीमती जमीन किधर से आई? इसका उत्तर किसी के पास नहीं है, क्योंकि अपने आपको वरिष्ठ और रसूखदार बताने वाले ये पत्रकार चोर का भाई घंटी चोर यानी की तेरी भी चुप और मेरी भी चुप करके चांदी काट रहे हैं. अगर इनकी जांच कराई जाए तो दूध का दूध व पानी का पानी सामने आ जाएगा.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






