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सलोनी के व्‍यवहार से नाराज गजेंद्र शर्मा ने भी सिटी भास्‍कर छोड़ा

सिटी भास्कर में एक और पत्रकार ने बाय बोल दिया है। सोमवार को सीनियर रिपोर्टर रचना सिंह के सिटी भास्कर छोडऩे के बाद मंगलवार को डेस्क हेड गजेंद्र शर्मा ने भी संस्थान को अलविदा कह दिया। गजेंद्र ने संस्थान छोडऩे की जानकारी स्थानीय संपादक आनंद पांडे को दे दी है। उन्होंने भास्कर प्रबंधन को एक महीने का नोटिस देते हुए अब वापस काम पर न आने का फैसला किया है। गजेंद्र भास्कर के नेशनल हेड कल्पेश याज्ञिनक द्वारा फोन पर किये गए व्यवहार से बेहद खफा हैं। कल्पेश तमाम शिकायतों के बाद भी सलोनी के मामले में कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं और उसे बचाने में एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। उनका यह रुख पूरे भास्कर समूह में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सिटी भास्कर में एक और पत्रकार ने बाय बोल दिया है। सोमवार को सीनियर रिपोर्टर रचना सिंह के सिटी भास्कर छोडऩे के बाद मंगलवार को डेस्क हेड गजेंद्र शर्मा ने भी संस्थान को अलविदा कह दिया। गजेंद्र ने संस्थान छोडऩे की जानकारी स्थानीय संपादक आनंद पांडे को दे दी है। उन्होंने भास्कर प्रबंधन को एक महीने का नोटिस देते हुए अब वापस काम पर न आने का फैसला किया है। गजेंद्र भास्कर के नेशनल हेड कल्पेश याज्ञिनक द्वारा फोन पर किये गए व्यवहार से बेहद खफा हैं। कल्पेश तमाम शिकायतों के बाद भी सलोनी के मामले में कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं और उसे बचाने में एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। उनका यह रुख पूरे भास्कर समूह में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गजेंद्र ने नईदुनिया से अपनी पारी शुरू की थी और पत्रिका में कुछ समय सेवाएं देने के बाद सिटी भास्कर में डेस्क हेड की हैसियत से काम कर रहे थे। शांत स्वभाव के गजेंद्र तथा सिटी भास्कर के पूर्व डेस्क हेड अमित मंडलोई के बीच अच्छा तालमेल था। अमित के भास्कर से जान के बाद भी गजेंद्र डेस्क हेड का दायित्व बखूबी निभाते रहे। सूत्रों के मुताबिक चार सीनियर रिपोर्टर्स के एक के बाद एक सिटी भास्कर छोड़ने से परेशान सलोनी ने अब गजेंद्र शर्मा को निशाने पर लेना शुरू कर दिया था। वे गजेंद्र के साथ बदतमीजी करने के साथ ही टीम के दूसरे साथियों को भी उनके खिलाफ उकसाने लगी थी। षडयंत्रों से कोई वास्ता न रखने वाले गजेंद्र ने मंदीप व अनुराग की तर्ज पर ही सलोनी से लड़ने के बजाय संस्थान छोडने का ही निर्णय ले लिया।

संपादक आनंद पांडे के आग्रह के बावजूद गजेंद्र ने संस्थान को अलविदा कहने का अपना फैसला नहीं बदला। गजेंद्र की ज्यादा नाराजगी कल्पेश के व्यवहार को लेकर है। सिटी भास्कर के वर्किंग को लेकर जब गजेंद्र ने अपनी बात कल्पेश तक पहुंचायी तो उन्होंने उसे सुनने के बजाय फोन पर ही उल्‍टा सीधा बोल डाला।

इस संदर्भ में गजेंद्र शर्मा ने बताया कि सिटी भास्‍कर में काम करने लायक माहौल नहीं रह गया है। जानबूझकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। प्रबंधन कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है, ऐसे में वहां काम कर पाना किसी के लिए भी मुश्किल है। काम के अलावा वहां सारी चीजें हो रही हैं। वहीं इस मामले में सिटी भास्‍कर की प्रभारी सलोनी भोला का पक्ष लेने के लिए फोन किया गया तो उन्‍होंने कहा कि मैं आपसे कोई बात नहीं करना चाहती, अपने डायरेक्‍टर को बोलो कि मुझसे बात करें। 

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