दैनिक जागरण, मेरठ से सूचना है कि यहां प्रबंधन से जुड़े कुछ अधिकारियों ने अपनी मनमर्जी चलाते हुए समस्त स्टाफ के लोगों की सेलरी में से एक अच्छा खासा हिस्सा इंश्योरेंस के नाम पर काट लिया है. यह इंश्योरेंस भी एक प्राइवेट कंपनी से संबंधित है जो काफी महंगे दाम पर हेल्थ इंश्योरेंस बेचती है और अपने एजेंटों को अच्छा खासा कमीशन देती है. सूत्र बताते हैं कि दैनिक जागरण, मेरठ में कार्यरत वित्त प्रबंधक विकास चुग इसी प्राइवेट बीमा कंपनी के एजेंट हैं. उन्होंने यूनिट प्रबंधक अखिल भटनागर को मनमाफिक समझाते हुए समस्त कर्मियों को बीमा पालिसी देने का सुझाव स्वीकृत करा लिया. फिर क्या, आनन फानन में सभी कर्मियों की सेलरी से एक हिस्सा काट लिया गया.
मीडियाकर्मी जब सेलरी लेने गए तो पता चला कि कई हजार रुपये उनके काट लिए गए हैं. जब उन्होंने पता किया कि ऐसा क्यों हुआ तो उन्हें बताया गया कि उन लोगों का हेल्थ इंश्योरेंस कर दिया गया है, इसी कारण कटौती की गई है. सूत्रों के मुताबिक कई मीडियाकर्मी परेशान हैं कि एक तो बिना उनकी सहमति लिए उनकी सेलरी काटकर उन्हें जबरन बीमा थमा दिया गया, दूसरे उन्हीं इतनी सेलरी मिलती ही नहीं कि वह घर गृहस्थी के खर्चों से कुछ रकम बचाकर बीमा करा सकें. अगर कंपनी को बीमा कराने का इतना ही शौक था तो उसे अपनी तरफ से सभी का फ्री में बीमा करा देना चाहिए था लेकिन कंपनी ने ऐसा न करके लोगों के पेट पर लात मारते हुए छल के जरिए पैसे के कटौती कर ली है. फिलहाल इस घटनाक्रम से दैनिक जागरण, मेरठ में कार्यरत कर्मियों में रोष है.
लेखक यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया के एडिटर हैं.





