: 'दैनिक सवेरा' के बाद 'पंजाब की शक्ति' में भर्ती : पंजाबी राज्य होने के बावजूद पंजाब में हिंदी अखबारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पंजाब में करीब चार माह पहले ही हिंदी का दैनिक सवेरा लांच हुआ था। इस अखबार ने सबसे ज्यादा झटका दिया था दैनिक भास्कर को। दैनिक भास्कर से काफी संख्या में पत्रकार, डेस्क व मार्केटिंग के लोग टूट कर दैनिक सवेरा के साथ जुड़ गये थे। अब स्थिति यह है कि हिंदी का नया अखबार 'पंजाब की शक्ति' भी बाजार में उतरने को तैयार है। इस अखबार में पूरे पंजाब के लिये पत्रकारों, डेस्क, मार्केटिंग व सर्कुलेशन के लिये भर्तियां की जा रही हैं। जिसकी गाज सबसे पहले फिर से दैनिक भास्कर पर गिरनी शुरु हो गई है।
लुधियाना से एक एनई, एक क्रिएटिव डिजाइनर एवं फोटोग्राफर भास्कर को बाय बाय कर गये हैं। हालांकि अन्य अखबारों को ज्यादा झटका अभी नहीं लगा है। लेकिन जिस तरह से पंजाब की शक्ति की तरफ से पैकेज दिये जा रहे हैं उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि भास्कर के साथ साथ अन्य अखबारों को भी इससे बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि समाचार जगत से जुड़े लोगों के लिये यह सुनहरा अवसर बन गया है। पंजाब की शक्ति के साथ जहां साइडलाइन हो चुके लोग जुड़ रहे हैं वहीं बड़े अखबारों से इस्तीफा देकर जाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। पंजाब में जमे हुये दैनिक भास्कर एवं दैनिक जागरण के लिये बड़ी समस्या पैदा हो गई है।