राजस्थान पत्रिका के एक पुराने साथी संजय शर्मा ने पत्रिका से नाता तोड़ लिया है. संजय करीब बीस साल से पत्रिका से जुड़े हुए थे. इस दौरान वे कोटा, भोपाल, जबलपुर और उदयपुर में नियुक्त रहे. संजय का तबादला हाल में उदयपुर संस्करण में किया गया था. यह तबादला बेहद अपमानजनक था. उनसे कहीं जूनियर संपादक के नंबर टू बनकर काम करने की स्थिति देख संजय ने पत्रिका को अलविदा कह दिया.
इन दिनों पत्रिका में अपने सीनियरों को नीचा दिखाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. उन्हें दूरदराज तबादला झेलने से लेकर जूनियर संपादकों की अधीनता तक स्वीकार करनी पड़ रही है. पत्रिका वेज बोर्ड की सिफारिशों के लागू होने की संभावनाओं के बाद यह सब करने लगा है. आदर्श, उसूल और कलम को सम्मान जैसे शब्दों की कमरतोड़ देने वाले पत्रिका संस्थान में अब यह सब दिखावा रह गया है. खैर, अब खबर है कि संजय शर्मा जल्द ही दैनिक भास्कर के भोपाल संस्करण से नाता जोड़ने जा रहे हैं.





