Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

”अधिकतर न्यूज चैनल सिर्फ काम लेते हैं, दाम नहीं देते हैं”

भड़ास पर ''लखनऊ के दस नंबरी पत्रकार'' की सीरिज को पढ़कर यूपी में हमीरपुर जिले के एक पत्रकार ने एक तल्ख टिप्प्णीनुमा खुलासा किया है। इस पत्रकार का नाम है रवींद्र निगम। कई अखबार और चैनलों में कई बरस तक घिसने-पिटने-लुटने के बाद आखिरकार रवींद्र निगम ने पत्रकारिता की सुनहरी सच्चाई के पीछे की गंदगी को समझ लिया है और इसका बयान करने लगे हैं। इस गंदगी में केवल सड़ांध और तबाही ही भरी हुई है। कुमार सौवीर के इस आलेख पर रवींद्र निगम ने सवाल किया है कि:-

भड़ास पर ''लखनऊ के दस नंबरी पत्रकार'' की सीरिज को पढ़कर यूपी में हमीरपुर जिले के एक पत्रकार ने एक तल्ख टिप्प्णीनुमा खुलासा किया है। इस पत्रकार का नाम है रवींद्र निगम। कई अखबार और चैनलों में कई बरस तक घिसने-पिटने-लुटने के बाद आखिरकार रवींद्र निगम ने पत्रकारिता की सुनहरी सच्चाई के पीछे की गंदगी को समझ लिया है और इसका बयान करने लगे हैं। इस गंदगी में केवल सड़ांध और तबाही ही भरी हुई है। कुमार सौवीर के इस आलेख पर रवींद्र निगम ने सवाल किया है कि:-

''भाई कुमार सौवीर जी, आपने जो भी लिखा है, अच्छा लिखा है। दिल-दिमाग को अच्छा लगा। लेकिन एक बात का जबाब दीजिये कि आपने कितने साल पत्रकारिता की है। क्या आपको हर महीने आपकी कम्पनी आपके काम का भुगतान कर देती थी, क्यूंकि जहां तक मेरा अनुभव है शायद अधिकतर न्यूज़ चैनल सिर्फ काम लेते हैं, दाम नहीं देते। तो पत्रकारिता करने वाले के सामने कौन सा रास्ता बचता है दलाली के सिवाय। मैंने अपनी जिन्दगी के आठ साल पत्रकारिता में खर्च किया है जिसमें मैंने आजतक जैसे न्यूज़ चैनल में भी काम किया है। रवींद्र निगम का कहना है कि मुझे सिर्फ इस बात पर वहां से बाहर निकाल दिया गया कि मैंने अपने बॉस को हर महीने दाल, चावल और दारू-लड़की नहीं उपलब्ध कराया। शायद आपको यह पढ़ कर कुछ अजीब लगे लेकिन यह सच है कि ऐसा-ऐसा काम मेरे जैसे हजारों-सैकड़ा पत्रकार भाइयों के साथ होता है। हमेशा अपने बॉस को खुश करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ कर घर में खाली बैठना पड़ता है। मैंने तो दूसरा न्यूज़ चैलन पकड़ लिया। नाम था इंडिया न्यूज। लेकिन तीन साल काम करने बाद आज तक कभी एक रूपये तक नहीं मिला। ऐसे हालातों से बुरी तरह क्षुब्ध रवींद्र निगम का सवाल है कि आप ही बताये मुझे क्या करना चाहिए। मैं आपके जवाब का इंतजार करुंगा। मेरा फोन नंबर 09450561596 है।''

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...