कहा नहीं जा सकता कि कल किसी के साथ क्या घटना घटित हो जाये. एक भयानक घटना शाहजहांपुर में हिन्दुस्तान समाचार पत्र में विज्ञापन विभाग में काम करने वाले सोनू राठौर के साथ घटी. सोनू की इसी वर्ष 5 मई को रेखा राठौर के साथ बड़े धूमधाम से शादी हुई. किसी ने सपने में भी नही सोचा होगा कि इन दोनों का इतने कम समय के लिये साथ होगा. कुछ दिन पहले रेखा बीमार हो गई थी. सोनू ने बरेली के राममूर्ति अस्पताल में रेखा को भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान कल रात रेखा की मौत हो गई. रेखा की मौत का समाचार जब शाहजहांपुर के पत्रकारों को लगा तो सभी सोनू के घर पर पहुंचने लगे. हिन्दुस्तान के ब्यूरो प्रमुख विवेक सेंगर और उनकी पूरी टीम सोनू को इस दुःख की घड़ी में ढांढस बधाने पहुंची.
इटावा के पत्रकार दिनेश शाक्य का पुत्र इस दुनिया में केवल छह दिन रह सका. उनकी पत्नी को इटावा में सिजेरियन आपरेशन के जरिए बेटा पैदा हुआ. इस धरती पर आने के कुछ घंटे के भीतर ही बेटे की तबीयत अचानक बिगड़नी शुरू हुई. तब सभी सुविधाओं से युक्त सैफई अस्पताल में एक्सपर्ट डाक्टरों की टीम की निगरानी में बच्चे का इलाज शुरू हुआ. डाक्टरों ने भरसक बचाने की कोशिश की लेकिन कोई दवा काम न आई. छठां दिन बीतते बीतते बेटे ने दम तोड़ दिया. बेटे के जन्म लेने की खुशी इस दंपति के पास ज्यादा दिन तक टिक न सकी. इटावा के पत्रकारों ने दिनेश शाक्य को ढांढस बंधाया और कुछ दिन के लिए धरती पर आए बच्चे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.





