: पुलिस वाले चुपचाप खड़े रहे, जो पिटा उसी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज : कल बाराबंकी जनपद में सड़क पर गाड़ी को रास्ता ना देने के विवाद के चलते दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गयी. दोपहर 11 बजे के करीब लखनऊ के डॉ लोहिया अस्पताल से अपने रिश्तेदार मरीज को देखकर अपनी निजी मारुती कार से लौट रहे कोठी उस्मानपुर निवासी राजू सिंह पुत्र ब्रिजेश सिंह और उनकी माता श्रीमती विनोद सिंह का सफेदाबाद में धर्मेन्द्र यादव -बीडीसी, बंकी जो कि समाजवादी पार्टी के बाराबंकी सीट के विधायक धर्मराज यादव उर्फ़ सुरेश यादव के अनुज भी हैं व उनके दो अन्य साथियों से ओवर टेकिंग को लेकर वाद विवाद, गाली गलौज व अंततोगत्वा मार पीट तक हो गई.
सफेदाबाद में घटी इस घटना में धर्मेन्द्र यादव द्वारा राजू सिंह को गाली देने व थप्पड़ मारने के पश्चात् धर्मेन्द्र यादव व उनके साथियों को राजू सिंह ने अपनी कार में रखे डंडे से मारा. राजू सिंह के द्वारा मारे जाने से हतप्रभ रह गये धर्मेन्द्र यादव व उनके साथियो ने किसी तरह राजू सिंह को पकड़ा और उसकी जमकर धुनाई कर डाली. यह सब दिन दोपहरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर होता रहा और राहगीर इस मारपीट को देखकर भयभीत हो गये. सपा विधायक के भाई धर्मेन्द्र यादव से बुरी तरह पिटे राजू सिंह व उसकी माँ किसी तरह भाग कर बाराबंकी जिला अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में अपना इलाज करने पहुंचे. उनके पीछे पीछे धर्मेन्द्र यादव यहाँ भी आ धमके. जिला चिकित्सालय में धर्मेन्द्र यादव के तमाम समर्थक तब तक पहुंच चुके थे और उन लोगों ने अस्पतालकर्मियों तथा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दुबारा राजू सिंह व उसकी माँ को जमकर लात-घूंसों से मारा.
बुरी तरह से घायल राजू सिंह व उसकी माँ ने पत्रकारों के पूछने पर अपने साथ हुई घटना को बताया. यहाँ पर इन पीड़ितो को इलाज तक कराने नहीं दिया गया. दूसरी तरफ स्थानीय विधायक के भाई धर्मेन्द्र यादव व उनके साथियों का मेडिकल परीक्षण हुआ. प्राप्त जानकारी के अनुसार राजू सिंह के उपर मारपीट का अभियोग धर्मेन्द्र यादव ने दर्ज कराया है. पत्रकारों ने जब राजू सिंह से दूरभाष पर इस घटना के विषय में शाम को 7 बजे के लगभग बात की तो उसने हताशा भरे शब्दों में कहा कि जब पुलिसकर्मियों कि मौजूदगी में मुझको व माँ को मारा गया और पुलिस कर्मी ही मुझको पकड़े रहे तो मेरी फरियाद कौन सुनेगा. सपा विधायक के भाई के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं होगी इसलिए मैं प्राथमिकी नहीं दर्ज कराऊंगा, मैं बहुत मार खा चुका हूँ और आगे कोई खतरा नहीं उठाना चाहता हूँ.
दोनों पक्षों की झूठी शान व अहंकार के चलते हुई इस दुखद घटना में बाराबंकी की मित्र पुलिस कहां खड़ी थी, यह काबिले गौर है. सपा जिला अध्यक्ष मौलाना मेराज, विधायक सुरेश यादव ने धर्मेन्द्र यादव को बेकसूर बताया वहीं राजू सिंह का लहूलुहान चेहरा और श्रीमती विनोदा सिंह की हालात से किसने किसको मारा यह साफ दिखाई दे रहा था.
अरविन्द विद्रोही की रिपोर्ट.





