न्यूज चैनल्स खबरों पर खेलते खेलते अब अपने रिपोर्टरों की जान पर खेलने लगे हैं. दिन प्रतिदिन बढ़ती होड़ के कारण बड़े न्यूज चैनलों के रिपोर्टरों को हर पल चौकन्ना रहना पड़ता है. रात हो या दिन, उन्हें कभी मोबाइल आफ नहीं करना होता और हर आ रही काल को उठाने के लिए तत्पर रहना पड़ता है. ऐसे में रिपोर्टर ठीक से सो नहीं पाते. हर रोज होने वाली सैकड़ों घटनाओं को सबसे अच्छे तरीके से कवर करने का प्रेशर अलग और उसे सबसे पहले भेज देने का दबाव भी अलग.
तरह तरह के दबावों तनावों को जी झेल रहे बड़े न्यूज चैनल्स के रिपोर्टरों में रोग प्रतिरोधी क्षमता भी दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है इस कारण इन्हें आए दिन सर्दी गर्मी जुकाम बुखार आदि से रूबरू होना पड़ता है. पर बीमारियां यहीं तक नहीं रुकी हैं. कमजोर प्रतिरोधी तंत्र और अत्यधिक दबाव-तनाव की वजह से मामले दिमाग के सिस्टम तक पहुंच रहा है. ब्रेन हैमरेज जैसी घटनाएं होने लगी हैं. उदाहरण हैं आरिफ चंद्रा जो मुंबई में आजतक न्यूज चैनल के जाने माने क्राइम रिपोर्टर हैं.
सीनियर स्पेशल करेस्पांडेंट के पद पर कार्यरत आरिफ चंद्रा आजतक के साथ पिछले छह साल से हैं और वे मुंबई में आजतक के जाने माने चेहरों में से हैं. अपराध पत्रकारिता के चुनिंदा पत्रकारों में उन्हें शुमार किया जाता है. खबर आ रही है कि 35 वर्षीय आरिफ चंद्रा जब चैनल के लिए काम करने के वास्ते फील्ड में थे, तभी उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया. उन्हें तत्काल बांबे हास्पिटल ले जाया गया जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. वे आईसीयू में एडमिट हैं. उनका राइट हैंड साइड पूरी तरह पैरालाइज्ड हो गया है. उनके जानने चाहने वाले उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.





