हिंदुस्तान के नोएडा ब्यूरो के एनई सुनील द्विवेदी बड़ी तेज रफ्तार से बलि ले रहे हैं. नोएडा में आए आठ महीने ही हुए हैं लेकिन वे अब तक नोएडा से ग्यारह कर्मियों की बलि ले चुके हैं. समझा जा रहा है कि और लोगों की बलि अभी ली जाएगी. आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि यह बलि काम के आधार पर नहीं बल्कि अपने लोगों को सेट करने के लिए ली जा रही है. पिछले कुछ समय में नोएडा में हुई नियुक्तियां इसकी चुगली भी कर रहे हैं. जो भर्तियां हुई हैं वे कानपुर और गोरखपुर से हुई हैं, जहां वे पहले काम कर चुके हैं.
अपने आठ महीने के कार्यकाल में सुनील ने नोएडा से देवेंद्र तिवारी, गजेंद्र यादव, बंटी त्यागी, अंशिका, संजीव रघुवंशी, प्रेम प्रकाश त्रिपाठी तथा अमर उजाला कानपुर से आए एक बंदे को बाहर का रास्ता दिखा चुके हैं. गाजियाबाद से सौरभ दीक्षित, सौरभ श्रीवास्तव तथा फोटोग्राफर नचिकेता भी इनके व्यवहार से नाराज होकर दूसरे संस्थानों में चले गए. ग्रेटर नोएडा से देवेंद्र भी इनके शिकार बन गए. अब सुशांत समदर्शी इनके टार्गेट पर हैं.
उल्लेखनीय है कि बाहर गए लोगों में अमर उजाला कानपुर से आए पत्रकार तथा अंशिका की भर्ती इन्होंने ही की थी. अभी हाल ही में इन्होंने गोरखपुर के एक फोटोग्राफर की भर्ती गाजियाबाद में की है. आरोप लगाया जा रहा है कि शशिशेखर की सेवा करके उनको खुश रखने वाले सुनील अपने लोगों को सेट करने के लिए कार्यालय में ऐसा माहौल बना रहे हैं ताकि लोग खुद छोड़ कर भाग जाएं या फिर गलती करें और ये उन्हें बाहर का रास्ता दिखा सकें.
कहा जा रहा है कि सुनील द्विवेदी द्वारा बनाए गए माहौल से अखबार का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है, परन्तु प्रबंधन को कुछ भी नहीं दिख रहा है. सुनील की सेवा से प्रसन्न रहने वाले शशिशेखर भी जानबूझकर अंजान बने हुए हैं, जिसके चलते अखबार के अंदर काम करने की स्थितियां लगातार बिगड़ती जा रही हैं. न्यूज रूम में पहले की तरह खुशनुमा और संजीदा माहौल नहीं है, जो इनके पहले के संपादकीय प्रभारियों के दौर में हुआ करती थी. न्यूज रूम में चर्चा अब बारहवें बलि की हो रही है.





