खबर भारती के हालात लगातार बिगड़ते चले जा रहे हैं. जैसे जैसे समय गुजर रहा है चैनल से कई खबरें आने लगी हैं. एक वक्त जो चैनल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बुलंदियों के झंडे गाड़ने के दावे करता था, छह महीने में ही धराशायी होने लगा है. अब खबर है कि चैनल के भीतर की स्थितियां लगातार खराब होती जा रही हैं. मंदी के चलते कर्मचारियों के लिए शुरू की गई पिक अप और ड्रापिंग की सुविधा बंद कर दी गई है.
चैनल का ऑफिस इंटीरियर में होने तथा वहां तक सीधा वाहन सुविधा ना होने के चलते कर्मचारियों को पहुंचने में बहुत दिक्कत होती है. इसको ध्यान में रखकर चैनल ने कई प्वाइंटों से कर्मचारियों को लाने की सुविधा भी दे रखी थी, परन्तु धीरे धीरे सब सुविधाएं खतम की जा रही हैं. कर्मचारी और झटके भी झेलने को तैयार हैं. चैनल को अब तक लगभग डेढ़ दर्जन लोग छोड़कर जा चुके हैं. हालांकि इसके बाद भी पत्रकारों के लिए राहत की खबर यह है कि मंदी के दौर में भी किसी की छंटनी नहीं की जा रही है और सेलरी समय से मिल रही है.





