बाड़मेर। बाड़मेर के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क मिलने की समस्या से भारत सरकार अब तक मुक्ति नहीं पा सकी हैं और बाड़मेर जिला कलेक्टर को अंत में थार एक्सप्रेस में आने वाले यात्रियों से मोबाइल सिम कार्डस और मेमोरी कार्ड पर प्रतिबंध लगा कर इसका समाधान करने का प्रयास किया गया, लेकिन एक नई समस्या अब पाकिस्तान सरहदी इलाको में रेडियो के माध्यम से भारत के सामने खड़ी कर रहा है।
भारत-पकिस्तान की पश्चिमी राजस्थान की सरहद के नजदीक पकिस्तान सरकार सिंध प्रान्त में एफएम रेडियो चैनल जल्द शुरू कर रहा है. इस एफएम की फ्रीक्वेंसी इतनी होगी कि इसको सीमापार भारत के सरहदी गाँवों में भी आसानी से सुना जा सकेगा. पकिस्तान सरकार का तर्क हैं कि एफएम के जरिये सिंध इलाके के लोगों में शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, जल सरंक्षण जैसे मुद्दों पर जागरूकता पैदा की जाएगी। जबकि सूत्र बताते हैं कि इसकी वास्तिवकता इन तर्को से परे है। सूत्रों के अनुसार सिंध में खुलने वाले इस रेडियो एफएम के जरिये पाकिस्तान कट्टरता के विचार सरहद पर के गाँवों तक पहुँचाने का कार्य आसानी से कर सकेगा।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान जल्द ही एक एक रेडियो चैनल (पुलिस एफएम) लांच करेगा। यह चैनल ट्रैफिक जाम, दुर्घटना, अपराध और मौसम की स्थिति की जानकारी देगा। साथ ही साक्षात्कार और टॉक शो के जरिए लोगों में विभिन्न मसलों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। समाचार पत्र डेली टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक रेडियो को अभी पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी से अनुमति और फ्रीक्वेंसी अलॉटमेंट बोर्ड से फ्रीक्वेंसी मिलनी बाकी है। शुरू में इसे कराची में लांच किया जाएगा। यह फैसला एक बैठक में लिया गया। जिसकी अध्यक्षता सिंध के पुलिस महानिदेशक मुश्ताक अहमद शाह ने की। बैठक में ई-पुलिसिंग की योजना की भी समीक्षा की गई।
सीमा पार के मोबाइल नेटवर्क भी बड़ी समस्या : कुछ साल पहले राजस्थान के बाड़मेर-जैसलमेर इलाकों में पाकिस्तान टेलीविजन पर खासी भारत विरोधी सामग्री दिखाई जाती थी, इसके बाद सरकार ने इस पर यह कहते हुए नकेल कसी कि चैनलों में कुछ पर दिखायी जाने वाली सामग्री देश के सुरक्षा माहौल के अनुकूल नहीं है और इनसे सुरक्षा संबंधी खतरा हो सकता है। इसके बाद पाकिस्तान ने बाड़मेर से लगती सीमा पर अपने मोबाइल टावर खड़े कर दिए जिसके कारण भारतीय सीमा में अन्दर की तरफ सौ किलोमीटर से ज्यादा के इलाके में पाकिस्तान की मोबाइल कम्पनियों के सिग्नल साफ़ आ रहे थे। कुछ समय पहले बाड़मेर से लगती पकिस्तान की सीमा पर बड़ा मामला सामने आया था कि पकिस्तान के यू के फ़ोन पी के फोन, वारिद मोबाइल, मोबिलिंक मोबाइल टॉवर्स के मोबाइल सिग्नल भारतीय सीमा में भी आ रहे हैं उसके बाद बाड़मेर में कई बार केन्द्रीय जांच टीमें पहुंची लेकिन जैमर लगाने की बातें सिर्फ कागज़ी घोड़े बन कर रह गई।
सैटेलाइट फ़ोन भी बाड़मेर में होने का अंदेशा : सूत्र बताते हैं कि पकिस्तान के लिए काम करने वाले कुछ लोगों के पास सैटेलाइट फ़ोन भी हो सकते हैं। हालांकि इस मामले में अब गुप्तचर एजेंसियां भी जुटी हुई हैं कि किस प्रकार से इसका पता लगाया जाए। काफी विकसित इस प्रणाली कि खासियत यह हैं कि इसका लोकेशन पता आसानी से नहीं किया जा सकता और यह गुप्तचर एजेंसियों के लिए सरदर्द से कम नहीं है।
बाड़मेर से दुर्गसिंह राजपुरोहित की रिपोर्ट.





