दैनिक जागरण, बरेली से खबर है कि छंटनी की लिस्ट में शामिल किए गए पत्रकारों को प्रबंधन ने मई माह की सैलरी प्रदान कर दी है. प्रबंधन ने एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों से इस्तीफा मांगा था, जिसमें एडिटोरियल समेत कई विभाग के कर्मचारी शामिल थे. इन लोगों ने उप श्रमायुक्त का दरवाजा खटखटाया था. डीएलसी (उप श्रमायुक्त) एमएल चौधरी ने जागरण प्रबंधन को तीन दिन के भीतर मई माह का वेतन देने तथा 22 जून को कर्मचारियों का नियुक्ति पत्र तथा संस्थान का स्टैंडिंग आर्डर प्रस्तुत करने का आदेश दिया था. डीएलसी कोर्ट में ही मजीठिया वेज बोर्ड की सुनवाई भी चल रही है.
प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों के मई माह का वेतन तो अवमुक्त कर दिया, परन्तु 22 जून को जागरण का कोई भी व्यक्ति कर्मचारियों का नियुक्ति पत्र या स्टैंडिंग आर्डर लेकर डीएलसी कार्यालय नहीं पहुंचा. डीएलसी से नाराजगी दिखाते हुए प्रबंधन को जल्द से जल्द उक्त दोनों पेपर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. उन्होंने सुनवाई की अगली तारीख 29 जून निर्धारित की है. अब देखना है कि जागरण प्रबंधन 29 जून को उक्त कागजातों के साथ पहुंचता है या फिर गच्चा दे जाता है.





