सेवा में, श्री यशवंत सिंह जी, संपादक, भड़ास4मीडिया, विषय: सनसनी आफ इंडिया हिन्दी साप्ताहिक समाचारपत्र के संपादक विजय कुमार दिवाकर द्वारा भेदपूर्ण रवैया अपनाने के संदर्भ…., महोदय, मैं पिछले 2 वर्षों से दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी साप्ताहिक समाचारपत्र ‘सनसनी आफ इंडिया’ में बतौर मुख्य संवाददाता के पद पर कार्यरत हूं। जब मैंने ‘सनसनी आफ इंडिया’ ज्वांइन किया था तो संपादक श्री दिवाकर जी ने मेरी सैलरी 8500/- प्रतिमाह निर्धारित की थी।
शुरू शुरू में लगभग एक साल तक उन्होंने मुझे 8500/- प्रतिमाह दिये थे किन्तु पिछले आठ माह से कभी मुझे 7000/- रूपये देते है तो कभी 6000/- रुपये महीना देते है और कहते बाकी सैलरी देने के नाम पर कहते है कि काम नहीं चल रहा इतने पैसे से ही काम चला लो। सर मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।
मैं आपके माध्यम से दिवाकर जी तक अपनी बात पहुचाना चाहता हूं कि मैं बहुत गरीब परिवार से हूं और मेरे उपर मेरे मां-पिता, एक बहन और अपनी पत्नी और एक छोटे बच्चे की जिम्मेदारी है। सैलरी के पूरे पैसे नहीं मिलने से घर का बजट खराब हो रहा है। अतः दिवाकर जी से मेरी गुजारिश है कि कृपया मुझे पूरी सैलरी देने का कष्ट करें ताकि भविष्य में भी मैं सनसनी आफ इंडिया को अपनी सेवाए दे सकूं।
आपका
बन्टी कुमार
एच-194, एसी नगर,
बाटा चैक,
फरीदाबाद





