वरिष्ठ पत्रकार और चैनल वन के मैनेजिंग एडिटर उदय सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. उनके सिर में काफी जख्म आया है. उन्हें आधा दर्जन से ज्यादा टांके लगे हैं. शुगर लेवल अचानक गिरने के कारण चेतना के स्तर पर वे ब्लैक आउट हो गए और गिर पड़े. उनका सिर घर में रखी टेबल के एक कोने से टकराया और अंदर तक घुस गया. इस हादसे से घरवाले स्तब्ध हो गए. किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए. चीखने चिल्लाने व रोने की प्रक्रिया में ही घरवालों ने ग्लूकान डी उदय सिन्हा को पिला दिया. इससे शुगर लेवल मेनटेन हुआ और स्थिति सुधरी. घरवालों द्वारा ग्लूकान डी पिलाने का अचानक लिया गया यह फैसला उदय सिन्हा के लिए जीवनदायी साबित हुआ.
लेकिन गंभीर गल्ती यह हुई कि रात करीब बारह बजे के आसपास हुए इस हादसे के बाद घरवाले पूरी रात उदय सिन्हा को घर में ही रखे रहे. वे उदय सिन्हा के होश में आने का इंतजार करते रहे और सुबह के वक्त उन्हें अस्पताल ले जाया गया. सिर में कई टांके लगे. सिटीस्कैन से पता चला है कि दिमाग के अंदरूनी हिस्से में और कोई दिक्कत नहीं है. उदय सिन्हा का बचना एक चमत्कार की तरह है क्योंकि शुगर लेवल अचानक गिरने के बाद बेहोश कई घंटे घर में पड़े रहने के दौरान कुछ भी हो सकता था. उदय सिन्हा लखनऊ, दिल्ली, गुवाहाटी, पटना, रांची समेत कई शहरों में कई अखबारों के संपादक रहे हैं.

उदय सिन्हा
भड़ास पर प्रकाशित उदय सिन्हा के एक पुराने इंटरव्यू को इन लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं….





