दैनिक जागरण, बरेली में मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने के मामले शुक्रवार को सुनवाई थी, परन्तु जागरण से कोई भी डिप्टी लेबर कमिश्नर के कार्यालय में नहीं पहुंचा. डीएलसी ने फोन पर सीजीएम एएन सिंह से इस मामले की प्रगति के बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामला होने का हवाला दिया. डीएलसी ने जागरण के कर्मचारियों के तबादले को भी अवैध बताते हुए मजीठिया लागू करने को कहा.
डीएलसी ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों द्वारा मामला दायर करने के बाद इनका तबादला किया गया है, लिहाजा यह आदेश उचित नहीं है. अगर प्रबंधन मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू कर देता है तो सभी कर्मचारी अपने तबादले वाले यूनिटों में ज्वाइन कर लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया लागू करने के संदर्भ में किसी अखबार प्रबंधन को राहत नहीं दी है. इसलिए कोर्ट के नाम पर बरगलाना गलत है. उन्होंने कहा कि ये सरकार आदेश हैं और हम इसे लागू करवाएंगे.
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय श्रम सचिव ने श्रम कार्यालयों को पत्र लिखकर मजीठिया वेज बोर्ड लागू किए जाने की स्थिति के बारे में जांच के आदेश दिए हैं. बरेली में रुहेलखंड मीडिया वकर्स एसोसिएशन के अलावा कोई भी संगठन पत्रकारों के पक्ष में खड़ा नहीं है. एसोसिएशन के सदस्य मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने के जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्रक सौंपेंगे तथा प्रदर्शन करेंगे. पत्रकार हित में जारी इन आंदोलनों का नेतृत्व रुहेलखंड मीडिया वकर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा तथा महासचिव मुख्तार अंसारी कर रहे हैं.





