भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी तथा उनकी दूसरी पत्नी साक्षी जोशी कापड़ी को फोन करके धमकी दी थी. पुलिसिया कहानी में यह भी लिखा गया है कि उन्होंने अपने किसी साथी के साथ मोटरसाइकिल से विनोद कापड़ी की कार रोकी तथा जान से मारने की धमकी भी दी.
हकीकत यह है कि यशवंत सिंह की गिरफ्तारी समाचार प्लस चैनल के सामने सेक्टर 63 में हुई, जिसके गवाह ऑफिस के बाहर तमाम पत्रकार हैं. लेकिन उनकी गिरफ्तारी भंगेल से दिखाई गई. और तो और रंगदारी और वसूली की मनगढंत कहानी बनाकर पुलिस ने एक बार फिर अपनी विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है. गिरफ्तारी के बाद थाना सेक्टर 49 में यशवंत सिंह को न तो गिरफ्तारी का कारण बताया गया ना ही उनको किसी से मिलने या फोन करने दिया गया. तमाम पत्रकारों के दबाव के बाद 1 जुलाई को दिन में दस बजे पहली बार पुलिस यशवंत सिंह को सामने लाई. पत्रकारों के दबाव को देखते हुए यशवंत सिंह को मेडिकल जांच के नाम पर थाना सेक्टर 49 से हटाकर नोएडा फेस दो ले जाया गया. जहां से उन्हें सूरजपुर कोर्ट में पेश किया गया. रविवार होने के कारण तकनीकी कारणों से यशवंत सिंह की जमानत नहीं हो पाई. जमानत पर सुनवाई सोमवार 2 जुलाई को होगी.
इस मामले में पुलिस पर भी जबर्दस्त दबाव है. पुलिस ने जिस तरह से यशवंत की गिरफ्तारी की उससे लगा कि वे पत्रकार नहीं कोई आतंकवादी हैं. पुलिस और एसओजी की टीम दो वाहनों में सवार होकर आई थी. वे जिस गाड़ी में बैठे थे उसे दोनों तरफ से घेर लिया गया. इसके बाद पुलिस उन्हें सेक्टर 49 थाने ले गई. उनसे मिलने जाने वालों के नाम नम्बर तथा पते नोट किए गए. उनसे मिलने वालों को रोका भी जा रहा था.
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