नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण मंत्री बनने के बाद लोकसभा में टीवी चैनलों की जवाबदेही को लेकर सांसदों की नाराजगी का सामना करने के बाद अंबिका सोनी इस कदर आशंकित हो गई थीं कि उन्होंने उसी शाम को अपना त्यागपत्र तैयार कर लिया था। अंबिका ने उस समय के घटनाक्रम को याद करते हुए कहा कि सांसद टीवी चैनलों के लिए आचार संहिता के मुद्दे पर नाराज थे।
उन्होंने राष्ट्रीय प्रेस दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैंने नहीं सोचा था कि मैं ढाई साल तक मंत्री रह पाऊंगी। पद ग्रहण करने के बाद मैं पहली बार लोकसभा गई और उसी शाम मैंने अपना इस्तीफा लिखकर तैयार कर लिया।’ अंबिका के मुताबिक, उन्होंने देखा कि सांसद और नेता कितनी मजबूती से टीवी की सामग्री के बारे में सोचते हैं। उन्हें मई, 2009 में संप्रग-2 के सत्ता में आने के बाद सूचना- प्रसारण मंत्री बनाया गया था।
(एजेंसी के हवाले से राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित खबर)





