नये नवेले न्यूज चैनल समाचार प्लस के चक्रव्यूह ने यूपी की सत्ता में भूचाल ला दिया है. संगठन और सरकार के लोग अखबारों में सफाई दे रहे हैं. सत्ता के गलियारों में इसके असर का नाप तौल किया जा रहा है. मामला सपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद मोहन सिंह के बयान से जुड़ा हुआ है. मोहन सिंह ने समाचार प्लस के साप्ताहिक कार्यक्रम चक्रव्यूह में चैनल के एडिटर अमिताभ अग्निहोत्री से बातचीत में माना कि अखिलेश यादव रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को मंत्री नहीं बनाना चाहते थे, लेकिन पार्टी के दबाव में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.
मोहन सिंह ने यह भी कहा कि अखिलेश अभी गलती करने और सीखने के दौर से गुजर रहे हैं. साथ ही उन्होंने साफगोई से कहा कि यूपी के नौकरशाह अखिलेश को गुमराह कर रहे हैं. यानी हालात बिल्कुल मायावती सरकार जैसे हैं, जहां सत्ता नौकरशाहों की ही चलती थी. मोहन सिंह ने यह भी कहा कि अखिलेश द्वारा विधायकों को निधि से बीस लाख की गाड़ी खरीदने की छूट दिए जाने से मुलायम सिंह यादव भी काफी खफा थे.
समाचार प्लस पर प्रसारित इस कार्यक्रम की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा है, वहीं जागरण ने इस भूचाल को थामने की कोशिश में सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के बयान को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए अखिलेश को परिपक्व बताया है. अब देखना है कि सरकार मोहन सिंह तथा समाचार प्लस के चक्रव्यूह से किस तरह बाहर निकलती है और कैसे अपना बचाव करती है.






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