समाचार प्लस न्यूज चैनल के कार्यक्रम चक्रव्यूह में फंसी सरकार को बचाने के लिए खुद आगे आना पड़ा है. सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद मोहन सिंह ने चक्रव्यूह में स्वीकार किया था कि अखिलेश यादव रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को मंत्री नहीं बनाना चाहते थे, लेकिन पार्टी के दबाव में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. मोहन सिंह ने यह भी कहा कि अखिलेश अभी गलती करने और सीखने के दौर से गुजर रहे हैं. साथ ही उन्होंने साफगोई से कहा था कि यूपी के नौकरशाह अखिलेश को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने अखिलेश द्वारा विधायकों को निधि से बीस लाख की गाड़ी खरीदने की छूट दिए जाने के फैसले से मुलायम सिंह यादव के नाराज होने की बात भी स्वीकार की थी.
मोहन सिंह के बयान के बाद पूरी सरकार असहज हो गई थी. समाचार प्लस के कार्यक्रम के आधार पर कई अखबारों ने खबरें भी प्रकाशित की थी. इस मामले में सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भी सफाई दी. पर हलचल थम नहीं रही थी, जिसके बाद खुद मोहन सिंह को आगे आना पड़ा. उन्होंने पत्र जारी करके कहा कि उन्होंने अपनी बात समाचार प्लस के लिए कही थी ना किसी अखबार को बयान दिया था. मेरी बातों से युवाओं की भावनाएं आहत हुईं. साथ ही राजा भइया हमारे विश्वसनीय सहयोगी हैं. मेरे मन में अखिलेश के लिए अगाध प्रेम है. उन्हों ने कहा कि अगर उनके बयान से कुछ लोग आहत हुए जिसका मुझे खेद है. नीचे मोहन सिंह का पत्र.






