गाजीपुर जिले में बेकसूर युवक रविकांत सिंह पर गैंगस्टर लगाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. गैंगस्टर लगाने के लिए आधार तैयार करने वाले थानेदार के साथ-साथ गैंगस्टर की फाइल पर आंख मूंदकर साइन करने वाले गाजीपुर के डीएम और एसपी की नीयत-निष्पक्षता भी शक के घेरे में आ चुकी है. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर में आखिर में साफ साफ लिखा गया है कि बेकसूर युवक पर गैंगस्टर लगाए जाने की कार्रवाई को मंजूरी देकर डीएम और एसपी ने अपनी निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा लिया है.
इस खबर में रविकांत सिंह और उनके परिवार के उपर लगातार किए जा रहे पुलिसिया अत्याचारों का खुलासा किया गया है. किस तरह उन्हें हत्या के एक मामले में फंसाया जाता है फिर उनके परिवार की महिलाओं को थाने बुलाकर प्रताड़ित किया जाता है. फिर रविकांत सिंह को अचानक थाने में दो दिनों के लिए बंद कर उनसे पैसे की मांग की जाती है और न देने पर गैंगस्टर लगाने की धमकी दी जाती है. इतने से भी पेट नहीं भरा तो पुलिस ने आखिरकार रविकांत सिंह पर गैंगस्टर लगाकर अपनी जनविरोधी जिद को पूरा किया. पेश है दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर…

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