नई दिल्ली : यशवंत की खबरों से खार खाने वाले संस्थानों की संख्या कम नहीं है. फ़िलहाल लगभग सभी संस्थानों में एक जैसी स्थिति ही है. कोई यशवंत की गिरफ़्तारी को हलके में ले रहा है तो कोई बाकायदा इन्टरनल प्रोग्राम चला रहा है. नेशनल दुनिया, दैनिक जागरण और हिंदुस्तान ने तो यशवंत की हर पेशी को कैलेण्डर में दर्ज करना शुरू कर दिया है. बात यही तक सीमित होती तो गनीमत थी. इंडिया टीवी पर तो यशवंत डेट बाई डेट फालो किये ही जा रहे हैं, आलोक मेहता, शशि शेखर और विष्णु त्रिपाठी की भी यशवंत पर खास नजर बनी हुई है. सब अपने अधिनस्थों को मामले का न सिर्फ फालोअप करने को कह रहे हैं, बल्कि पूरे समूह में रोजाना यशवंत का कैलेण्डर फारवर्ड हो रहा है.
किस दिन यशवंत की गिरफ़्तारी हुई, क्या आरोप हैं, अगर फोटो नहीं है तो थाने से निकलते हुए फोटो लगभग हर दूसरे तीसरे जारी की जा रही है वो भी आल एडिशन. दैनिक जागरण तो खासतौर पर यशवंत पर मेहरबान हो गया है. ऐसा होता भी क्यों नहीं. दैनिक जागरण कर्मचारी हितों की ऐसी की तैसी करने वाली हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी है. इतना ही नहीं, पाठकों से भी इसे राय रत्ती का मतलब नहीं है. बहरहाल, इंडिया टीवी से ज्यादा बड़ा दुश्मन इस बार दैनिक जागरण नजर आ रहा है. जुलाई के पाक्षिक प्लान में बाकायदा यशवंत की पेशी का कैलेण्डर जारी किया गया है.
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