बरेली में हिंदुस्तान अखबार की गलत सूचना से हिंदुस्तान पढ़ने वालों की खूब फजीहत हुई. बरेली शहर इन दिनों दंगे की चपेट में है. दंगों को रोकने असफल सरकार तथा पुलिस प्रशासन ने बिगड़े हालात पर काबू पाने के लिए बरेली शहर में कर्फ्यू लगा दिया है. बुधवार को प्रशासन ने कर्फ्यू में दो घंटे की ढील की घोषणा की थी. अमर उजाला और दैनिक जागरण ने खबर में दो घंटे की छूट की जानकारी दी थी, परन्तु हिंदुस्तान ने सुबह दस बजे से लेकर दो बजे तक छूट की खबर प्रकाशित कर दी. यानी चार घंटे की छूट.
हिंदुस्तान पढ़ने वाले उसी हिसाब से बाहर निकले, लेकिन बाहर दो घंटे और चार घंटे को लेकर बात बिगड़ गई. हालांकि जब सही वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई तो लोग दो घंटे में ही हिंदुस्तान को कोसते हुए वापस लौट आए. इसके पहले भी हिंदुस्तान ने एक हॉकर के मौत की गलत खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद काफी हो हल्ला हुआ था. पर प्रबंधन ने किसी तरह मामले को दबा दिया. ये मामला भी दबाने का प्रयास हुआ, परन्तु दैनिक जागरण ने वरिष्ठ अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर ऐसी व्यूह रचना की कि कमिश्नर को हिंदुस्तान के मामले में नोटिस देने की बात कहनी पड़ी.





