Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

यूपी में अराजकता : मायावती की मूर्ति तोड़ी गई, आक्रोश में बसपाई

लखनऊ में मायावती के स्वप्नों के अंबेडकर पार्क में तमाशा खड़ा हो गया है। मनबढ़ शैतानों ने मायावती की सफेद संगमरमरी मूरत का सिर और हाथ उखाड़ डाला। बाद में मौके पर पहुंचे प्रशासन-पुलिसवालों ने आननफानन सिरविहीन मूर्ति को प्रशासन ने ठीक उसी रंग का कफन मुहैया करा दिया, जो उनका मनपसंद यानी नीला है। अंबेडकर पार्क से जुड़ी सड़कों को बंद कर दिया गया है और मौके पर कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त हैं। फिलहाल बसपाइयों में जबर्दस्त रोष है और कई शहरों में प्रदर्शन की खबर आ रही है। प्रशासन का दावा है कि किसी हालात से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है। लेकिन इस घटना ने प्रशासन और पुलिस की तो किरकिरी करा ही दी है। लेकिन कठघरे में पुलिस, प्रशासन के साथ ही पत्रकार बिरादरी भी आ गयी है।

लखनऊ में मायावती के स्वप्नों के अंबेडकर पार्क में तमाशा खड़ा हो गया है। मनबढ़ शैतानों ने मायावती की सफेद संगमरमरी मूरत का सिर और हाथ उखाड़ डाला। बाद में मौके पर पहुंचे प्रशासन-पुलिसवालों ने आननफानन सिरविहीन मूर्ति को प्रशासन ने ठीक उसी रंग का कफन मुहैया करा दिया, जो उनका मनपसंद यानी नीला है। अंबेडकर पार्क से जुड़ी सड़कों को बंद कर दिया गया है और मौके पर कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त हैं। फिलहाल बसपाइयों में जबर्दस्त रोष है और कई शहरों में प्रदर्शन की खबर आ रही है। प्रशासन का दावा है कि किसी हालात से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है। लेकिन इस घटना ने प्रशासन और पुलिस की तो किरकिरी करा ही दी है। लेकिन कठघरे में पुलिस, प्रशासन के साथ ही पत्रकार बिरादरी भी आ गयी है।

बसपा सरकार को ढहाने के बाद नयी बनी समाजवादी पार्टी सरकार के ठीक बाद मेरठ के कथित प्रदेश नवनिर्माण सेना नामक एक संगठन के मुखिया अमित जानी ने 15 मार्च को ही ऐलान कर दिया था कि अगर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार प्रदेश के भर में स्थापित मायावती की मूर्तियों को हटाने का फैसला नहीं करती है, तो इन मूर्तियों को उनका संगठन खुद ढहा देगा। आज गुरुवार को अमित जानी ने अपने साथियों के साथ प्रेस क्लब में बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके ऐलान किया कि प्रदेश सरकार इन मूर्तियों को 12 घंटों के भीतर ध्वस्त कर दे। अमित ने धमकी दी थी कि यह मियाद खत्म होने पर उनका संगठन खुद ही इन मूर्तियों को हटा देगा। बताते हैं कि इस प्रेस क्रांफेंस में कथित पत्रकारों ने इस बयान का खुलेआम मजाक उठाया था कि ऐसी धमकियां केवल मीडिया में अपना नाम छपाने के लिए ही होती हैं। खबर बताते है कि इस पर अमित जानी ने तैश में कहा था कि हम तो अभी भी यह काम कर सकते हैं।

पत्रकारों ने जब उसे फिर घेरा तो अमित ने अपने साथियों को तैयार करते हुए कहा कि रूकिये, हम यह काम फौरन इसी वक्त खत्म किये देते हैं। लेकिन हैरत की बात है कि न तो इन पत्रकारों को इस धमकी कोई नोटिस ली, और ना ही स्थानीय और प्रदेश स्तर पर बने सरकारी इंटेलीजेंस विभाग ने। लेकिन बताते हैं कि इसके बाद तीन मोटरसाइकिल पर बैठ कर अमित जानी और उसके साथी सीधे परिवर्तन स्थल के सटे आंबेडकर पार्क पर पहुंचे और सीधे मायावती की मूर्ति पर हथौड़ों मारकर मूर्ति का अंग-भंग कर दिया। घटना के समय हमेशा की तरह विशेष स्मारक सुरक्षाकर्मी बड़ी संख्या में मौजूद थे। लेकिन इन युवकों ने पांच मिनट के भीतर ही मूर्ति को तोड़ दिया। इतना ही नहीं, घटनास्थल पर यूपी नवनिर्माण सेना नाम की एक अनजान संगठन द्वारा छपाये गये पर्चे भी मिले हैं, जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मायावती की सभी मूर्तियों को हटाने की मांग की गयी है। मूर्ति को तोड़ने के बाद उपद्रवियों ने लाल टोपियां पहनी थीं।

जैसा कि होना ही था, बसपा आक्रोश में है। बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने मायावती की मूर्ति पर हमले की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यह करतूत समाजवादी पार्टी की साजिश के चलते हुई है और अगर आज ही मूर्ति को ठीक नहीं किया गया, तो इसका गंभीर परिणाम होगा। कई शहरों में विवाद खड़ा हो गया है और देर शाम विधानसभा के सामने बसपा के बड़े नेताओं ने भारी तादात में बसपाइयों के साथ प्रदर्शन किया है। हालांकि समाजवादी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बयान में सुश्री मायावती की मूर्ति तोड़ने की निन्दा करते हुए कहा है कि ऐसी करतूतों से प्रदेश में सौहार्दपूर्ण माहौल बिगड़ेगा। उन्हों ने इस कांड को सुनियोजित प्रयास बताया है। अखिलेश यादव ने आदेश दिया है कि इस कांड में शामिल अभियुक्तों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ ही साथ टूटी मूर्तियों को तुरन्त ठीक कराया जाए।

लेखक कुमार सौवीर सीनियर जर्नलिस्‍ट हैं. वे कई अखबारों तथा चैनलों में वरिष्‍ठ पदों पर काम कर चुके हैं. इन दिनों स्‍वतंत्र पत्रकार के रूप में सक्रिय हैं. इनसे संपर्क 09415302520 के जरिए किया जा सकता है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...