दैनिक भास्कर के मेदिनीनगर (पलामू) कार्यालय से प्रकाशित विज्ञापन का दो लाख रुपये घपला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है. मेदिनीनगर कार्यालय के प्रभारी राणा अरूण सिंह ने अपने चैनपुर प्रखंड रिर्पोटर धर्मेंद्र प्रसाद जायसवाल को एड एजेंसी दिलवा दी. इस एजेंसी द्वारा प्रकाशित विज्ञापन का दो लाख रुपए विज्ञापन विभाग के जीएम व मैनेजर अकाउंटस के पास नहीं पहुंचा. भास्कर के दोनों पदाधिकारियों ने संबंधित लोगों के पास नोटिस जारी कर दो लाख रुपये की मांग की है.
इसके बाद धर्मेंद्र प्रसाद जायसवाल ने चैनपुर थाना में मेदिनीनगर में कार्यरत निर्वतमान मार्केटिंग एक्सक्यूटिव अमित कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. श्री जासवाल ने दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि अमित कुमार सिंह ने मेरे नाम का जाली हस्ताक्षर बनाकर किसी दूसरे का चेक रांची हेड कार्यालय में जमा कर फरार हो गया है. चैनुपर थाना में कांड संख्या 63/12 के अंतर्गत की धारा 420, 468 व 471 (छल करने, छल के प्रयोग के लिए कूटरचना करने, व कूटरचित दस्तावेज को जिसके बारे में ज्ञात है कि वह कूटरचित है, असली के रूप में उपयोग में लाने शामिल हैं.) दर्ज कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेदिनीनगर कार्यालय से भेजे गए विज्ञापनों को प्रकाशित होने के बाद विज्ञापन का भुगतान जो दो लाख रूपए है, वह आखिर कहां व किसके पास गए.
चूंकि यह मामला सीधा रूप से मेदिनीनगर कार्यालय से जुड़े रिर्पोटर का है. जाहिर है प्रभारी को मिले टरगेट को पूरा करने के लिए अपने रिर्पोटर को विज्ञापन का एजेंसी दिलवाया होगा. पूर्व में कार्यरत विज्ञापन एक्सक्यूटिव अमित कुमार सिंह को समय रहते उक्त राशि का हिसाब क्यों नहीं किया गया, यह जांच का विषय है. मेदिनीनगर प्रभारी शिक्षक भी हैं, उन्हें स्कूल से लेकर कार्यालय तक संभालना पड़ता है. फिलवक्त चैनपुर थाना में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस सच्चाई की तह तक जाने में जुटी हुई है. तो दूसरी ओर भास्कर प्रबंधन अपनी राशि को वसूलने की तैयारी में जुटा हुआ है.