: यूपी में एक और पत्रकार पुलिसिया उत्पीड़न का शिकार : यूपी में गुंडाराज से ज्यादा पुलिस का आतंक राज कायम हो गया है. पत्रकारों का यूपी में जमकर पुलिसिया उत्पीड़न हो रहा है. ताजा मामला झांसी का है. झांसी में आजतक के रिपोर्टर अमित श्रीवास्तव पर पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं. यह मुकदमे एक महिला ने दर्ज कराई है. जबकि अमित से उस महिला का सीधे सीधे कुछ भी लेना देना नहीं है.
महिला ने अपने आरोप में कहा है कि कुसुम का उसके ससुराल वालों से विवाद चल रहा है और ससुराल के पास रहने वाले पत्रकार अमित उनके साथ मिलकर उत्पीड़न करा रहे हैं. उसे बदनाम किए जाने की धमकी दी जा रही है. इस शिकायत के मिलते ही पुलिस बिना मामले की जांच किए या अमित का पक्ष लिए मामला दर्ज कर लिया. दो मुकदमों में उनपर 354, 452, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
हालांकि इस कहानी के पीछे जो मामला निकलकर आ रहा है कि झांसी में डीजीपी के दौरे के दौरान अमित ने वहां के कोतवाल से संबंधित कुछ सवाल पूछ लिए थे, जिससे कोतवाल अमित से खार खाए हुआ था. बाद में सुनियोजित तरीके से उसने अमित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. इस पुलिसिया उत्पीड़न से झांसी के पत्रकारों में गहरी नाराजगी है.
इस पूरे प्रकरण में डीआईजी ने एसपी को सीओ स्तर से जांच कराकर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा है. अमित का कहना है कि पिछले दस साल के करियर में उनके ऊपर किसी प्रकार को काई आरोप या धब्बा नहीं लगा, परन्तु डीजीपी से कुछ सवाल पूछते ही उनपर मुकदमा दर्ज हो गया. पुलिस ने मामला दर्ज करने से पहले जांच करना या मुझसे पूछताछ करना भी जरूरी नहीं समझा.