नई दिल्ली : सीबीआई ने प्रसार भारती के पूर्व सीईओ बीएस लाली से संबंधित एक मामले में एक कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसे लाली के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए प्रसारण अधिकार देने में साजिश संबंधी कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले है। एजेंसी ने सीबीआई के विशेष जज तलवंत सिंह की कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। इस रिपोर्ट पर 4 अगस्त को विचार किया जाएगा। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसे लाली और दिल्ली स्थित जूम कम्युनिकेशन के एमडी वसीम देहलवी के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। देहलवी ब्रिटेन स्थित सिस लाइव के रेजीडेंट डायरेक्टर भी है।
सीबीआई ने पिछले साल लाली और देहलवी पर 120 बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के दंडनीय अपराधों के तहत आरोप लगाए थे। जांच एजेंसी ने लाली पर 2010 में हुए कामनवेल्थ गेम्स के दौरान प्रसार भारती के लिए प्रोडक्शन और कवरेज के अधिकार यूके स्थित सिस लाइव को 246 करोड़ और जूम कम्युनिकेशन को 176 करोड़ रुपये में अधिकार देने का आरोप लगाया था। इसकी वजह से सरकारी खजाने को करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया था कि सिस लाइव के पक्ष में कई शर्तों में राहत दी गई थी। (एजेंसी)