भड़ास4मीडिया को कुछ रोज पहले मेल के जरिए प्रभात खबर के बारे में एक सूचना मिली है जिसमें बताया गया है कि प्रभात खबर का एचआर डिपार्टमेंट बंद हो गया है. इसके कर्मचारियों को जल्दी से इस्तीफा देने को कहा जा रहा है. अंतिम तारीख को लेकर जो संशय था वो ख़त्म हो गया है. महीने की तीस तारीख को सारे एचआर वालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा. अभी से ही प्रबंधन सभी एचआर वालों को धमका कर इस्तीफा लिखने को कह जा रहा है.
अब इस मामले में रांची, धनबाद, देवघर, कोलकाता, जमशेदपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर के एचआर वालों ने पटना में मुक़दमे की तैयारी कर ली है. इसमें पुराने एचआर वाले भी शामिल हैं, जो उन्हें कानूनी मदद दे रहे हैं. उधर एचआर वालों ने प्रबंधन की गलतियों का सबूत कोर्ट में दिखाने के लिए तैयार करके रखा है. इनका कहना है कि अगर किसी एचआर वालों को निकाला गया तो फिर इसकी सारी जवाबदेही प्रभात खबर प्रबंधन की होगी.
उधर इस मामले को लेकर पटना में जमकर हंगामा हो रहा है. गया और भागलपुर वाले लोगों का कहना है कि हमने प्रभात खबर को अपने खून से सींचा है, इस तरह अगर हम लोगों को निकाला गया तो आगे प्रबंधन की सारी कमजोरी को कोर्ट के सामने रख देंगे. पुराने एचआर वालों का कहना है कि आज प्रभात खबर वहीँ पहुँच गया, जहाँ वो चार साल पहले था. उधर, इस पूरे प्रकरण व आरोपों के बारे में प्रभात खबर प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका है. उनका पक्ष आते ही प्रमुखता से प्रकाशित कर दिया जाएगा.





