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बड़े अखबार के रिपोर्टरों का छोटा ज्ञान और पत्रकार दीर्घा में बैठने पर महामंत्री को लताड़

: यार भाईसाहब, खबर का इंट्रो क्या बनाएं? : जनचेतना यात्रा लेकर निकले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की अजमेर यात्रा के दौरान पत्रकारों के सामान्य ज्ञान की परीक्षा हो गई। यहां पटेल मैदान में रात करीब साढे़ नौ बजे आडवाणी का भाषण शुरू हुआ। उन्हें कवर कर रहे स्थानीय पत्रकार बड़ी तल्लीनता से सुन रहे थे और अपनी नोट बुक में दर्ज भी कर रहे थे। दस बजने से कुछ मिनट पहले भाषण खत्म हो गया। सभा विसर्जित होने लगी।

: यार भाईसाहब, खबर का इंट्रो क्या बनाएं? : जनचेतना यात्रा लेकर निकले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की अजमेर यात्रा के दौरान पत्रकारों के सामान्य ज्ञान की परीक्षा हो गई। यहां पटेल मैदान में रात करीब साढे़ नौ बजे आडवाणी का भाषण शुरू हुआ। उन्हें कवर कर रहे स्थानीय पत्रकार बड़ी तल्लीनता से सुन रहे थे और अपनी नोट बुक में दर्ज भी कर रहे थे। दस बजने से कुछ मिनट पहले भाषण खत्म हो गया। सभा विसर्जित होने लगी।

पत्रकार दीर्घा में कुछ ऐसे वरिष्ठ पत्रकार भी थे जो इन दिनों कहीं काम नहीं कर रहे परंतु रुचि के चलते शहर में हो रहे एक बड़े आयोजन की जानकारी रखने की गरज से चले आए थे। ऐसे ही एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ पत्रकारों ने कार्यक्रम की समीक्षा शुरू कर दी। एक के मुंह से अचानक निकला। ‘यार, भाईसाहब, न्यूज का इंट्रो क्या बनाएं, समझ में नहीं आ रहा?’, दो-तीन ने और समर्थन किया, हां भाईसाहब इंट्रो बताओ ना जरा। और वरिष्ठ पत्रकार ने प्रेस दीर्घा में ही श्रुतिलेख देना शुरू कर दिया। अगले दिन कुछ अखबारों में वही इंट्रो हूबहू छपा। एक राष्ट्रीय नेता को कवर रहे बड़े अखबारों के जिम्मेदार रिपोर्टरों का यह ज्ञान, इसके लिए किसे दोष दिया जाए?

: भाजपा के एक पदाधिकारी को अपने वरिष्ठ नेता पर गुस्सा आ गया : आडवाणी की इस सभा में पत्रकार दीर्घा में ही भाजपा के एक नगर पदाधिकारी ने प्रदेश के बड़े पदाधिकारी को लपका दिया। पिछले कुछ समय से राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को एक नया शौक चर्राया हुआ है। बड़े नेता की पत्रकार वार्ता हो तो ये उसमें भी घुस जाते हैं और आमसभा हो तो वे मंच या अतिथियों के स्थान पर बैठने की जगह पत्रकार दीर्घा में जा बैठते हैं। मकसद एक ही होता है पत्रकारों की लल्लो चप्पो करना। राजस्थान में भाजपा के पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी को इसका पुराना चस्का है। उन्हीं के जिले सीकर के एक भाजपा प्रदेश महामंत्री हैं। आडवाणी की सभा में महामंत्री जी अपने कुछ चेलों चपाटों के साथ पत्रकार दीर्घा में जा बैठे। हालत यह हो गई कि पत्रकारों के लिए जगह नहीं बची।

पत्रकारों की जिम्मेदारी संभाल रहे नगर भाजपा के एक पदाधिकारी को गुस्सा आ गया और गुस्से में डांटते हुए उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए लताड़ना शुरू कर दिया, ‘यार, आप लोगों को समझ में नहीं आ रहा है क्या? कितनी बार टोकना पडे़गा। यह जगह पत्रकारों के लिए है। खाली करो इसे, जिम्मेदार होकर भी सारी व्यवस्थाएं बिगाड़ने में लगे हुए हो।’ प्रदेश महामंत्री को काटो तो खून नहीं। एक छोटा सा पदाधिकारी उन्हें पत्रकारों के सामने हड़का रहा था। बगैर कुछ बोले, चुपचाप वहां से निकल लिए।

अजमेर के पत्रकार और वकील राजेंद्र हाड़ा की रिपोर्ट. राजेंद्र जी से संपर्क 09549155160 या 09829270160 के जरिए किया जा सकता है.

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