बरेली में पांच पत्रकारों के इस्तीफे से अमर उजाला अभी उबरा भी नहीं था कि मुरादाबाद से भी पांच पत्रकारों द्वारा अमर उजाला को गुडबाय कहने की सूचना मिली है. ये सभी पांच हिंदुस्तान अखबार के मुरादाबाद में नए लांच होने वाले एडिशन के हिस्से बन गए हैं. सभी पांच अमर उजाला में रिपोर्टिंग टीम में शामिल थे. अमर उजाला की रिपोर्टिंग टीम से पांच लोगों के हटने के बाद अब केवल चार लोग ही बच गए हैं. मतलब आधी से ज्यादा रिपोर्टिंग टीम को हिंदुस्तान ने अपने पाले में कर लिया है.
अमर उजाला छोड़कर हिंदुस्तान ज्वाइन करने वालों के नाम हैं विशाल शुक्ल पंकज, राजीव शर्मा, सतीश सक्सेना, संजय सिंह और विजय शंकर शुक्ला. हिंदुस्तान, मुरादाबाद के संपादक मनीष मिश्रा हैं जो पहले हिंदुस्तान, एनसीआर के हेड हुआ करते थे. चर्चा है कि अभी कुछ और लोग भी अमर उजाला से इस्तीफा देकर हिंदुस्तान के साथ नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं. अमर उजाला, मुरादाबाद के संपादक नीरजकांत राही हैं. पांच लोगों का चले जाना राही के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है.
हिंदुस्तान अखबार का मुरादाबाद में आना पहले से तय है और इसके लिए टीम बनाने की प्रक्रिया काफी दिनों से चल रही है. ऐसे में मुरादाबाद के अन्य अखबारों को भी यह पता है कि उनके यहां सेंध लग सकती है. लेकिन अमर उजाला के लोग यह भांप नहीं पाए कि उनके यहां से कौन-कौन लोग हिंदुस्तान जाने वाले हैं. सूत्रों के मुताबिक पांचों लोगों ने हिंदुस्तान, मुरादाबाद में आज ज्वाइन कर लिया है. उधर, अमर उजाला, मुरादाबाद के कई लोगों को अब तक नहीं पता है कि उनके यहां से पांच लोग हिंदुस्तान के पाले में चले गए हैं.
कुल मिलाकर हिंदुस्तान प्रबंधन ने मुरादाबाद में एडिशन शुरू होने से पहले ही वहां के जमे जमाए अखबारों को झटका देना शुरू कर दिया है. संभव है आने वाले दिनों में अन्य अखबारों के भी कई लोग हिंदुस्तान से जुड़ जाएं. माना जा रहा है कि मुरादाबाद में हिंदुस्तान के आने के बाद अखबारों के बीच युद्ध छिड़ सकता है. पहला युद्ध तो शुरू हो चुका है, स्टाफ को तोड़ने और रोकने का. दूसरा युद्ध प्रसार और स्कीम का होगा. तीसरा युद्ध नंबर वन की पदवी को बचाने-छीनने का होगा. इस लड़ाई में सबसे ज्यादा फायदा पत्रकारों और पाठकों को होगा.





