नई दिल्ली।। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वयंभू तांत्रिक निर्मल बाबा से कहा है कि वह अपने शिष्यों को बेतुका उपाय नहीं बताएं। इसके साथ ही अदालत ने हिंदी मीडिया पोर्टल भड़ास4मीडिया को उनके खिलाफ कोई अपमानजनक सामग्री प्रकाशित न करने को कहा है। जस्टिस कैलाश गंभीर ने 22 पन्नों के आदेश में बाबा के खिलाफ तीखी टिप्पणी की। बाबा ने अनुरोध किया था कि हिंदी पोर्टल भड़ास4मीडिया को उनके खिलाफ अपमानजनक सामग्री प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दिया जाए।
बाबा पर आरोप है कि वह अपने अनुयायियों को मुश्किलों से निजात पाने के लिए बेतुका हल बताते थे। अदालत ने वेबसाइट पर सशर्त रोक लगाते हुए कहा कि मानहानि याचिका दायर करना बाबा का अधिकार है लेकिन इसे प्रेस की आजादी को नष्ट करने के लिए घातक हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने बचाव पक्ष (वेबसाइट और यशवंत सिंह) पर वादी बाबा के खिलाफ कोई अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करने और लिखने पर रोक लगा दी। अदालत ने बाबा से भी कहा कि वह भविष्य में अपने अनुयायियों को कोई बेतुका उपाय नहीं सुझाएंगे। अदालत ने इस बात पर आपत्ति जतायी कि लोगों को समस्याओं से निजात पाने के लिए उन्होंने रबड़ी, मसाला डोसा या पानी पूरी खाने जैसी सलाह दी।
समाचार एजेंसी भाषा द्वारा जारी खबर
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