जोधपुर से खबर है कि भंवरी देवी कांड के मुख्य आरोपी और राजस्थान के पूर्व मंत्री मदेरणा बिना डिस्चार्ज हुए ही अस्पताल से भाग निकले हैं. बताया जा रहा है कि वे चुपचाप अपने घर चले गए. वह व्हील चेयर पर आईसीयू से निकले और मेडीसिन ओपीडी के आगे आकर खड़ी हुई एक सफारी गाड़ी में बैठकर घर चले गए. इस पूरी प्रक्रिया में एक मिनट से भी कम समय लगा. मदेरणा को मीडिया से बचाने के लिए उनके समर्थक घेरे रहे, इस दौरान पुलिस सुरक्षा भी तगड़ी रही.
मदेरणा के जाने के बाद अस्पताल पहुंचे सीनियर डॉक्टर ने उनका डिस्चार्ज बनाकर पत्नी लीला को सौंपा. देख सकते हैं, बड़े आदमियों पर सरकार और प्रशासन के कितने रहम-करम होते हैं. एम्स की रिपोर्ट आने से पहले ही पूर्व मंत्री मदेरणा शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे एमडीएम अस्पताल से चले गए. भंवरी मामले में सीबीआई की दो दिन की पूछताछ के बाद सीने में दर्द की शिकायत लेकर वे पिछले शनिवार को इस अस्पताल में भर्ती हुए थे. सीबीआई उनसे फिर पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था. सीबीआई के कहने पर बुधवार को मदेरणा की मेडिकल बोर्ड से जांच कराई गई थी और रिपोर्ट दिल्ली में एम्स को भेजकर राय मांगी गई थी.
भंवरी देवी अपहरण के आरोपी शहाबुद्दीन और सोहनलाल से पुलिस तथा सीबीआई 14-14 दिन तक पूछताछ कर चुकी है. दोनों को जेल में आमने-सामने भी करवा चुकी है, लेकिन दोनों ही सीबीआई को सहयोग नहीं कर रहे हैं. दोनों के नार्को, पोलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की अनुमति कोर्ट ने नहीं दी. ऐसे में सीबीआई ने पूछताछ के लिए दूसरा रास्ता निकाला और दोनों के खिलाफ अपहरण में फर्जी सिम उपयोग लेने के पीपाड़ थाने में मुकदमे दर्ज किए. इनमें दोनों को कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया. कोर्ट ने इन दोनों को 5 दिन तक रिमांड पर रखने के आदेश दिए हैं. पुलिस ने उन्हें हथकड़ी लगाने का भी आग्रह किया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है.





