Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

”नई दुनिया” बिक्री के बाद छजलानी परिवार को आयकर विभाग ने दिखाई आंख, करोड़ों बरामद

देश के प्रमुख हिंदी दैनिक 'नईदुनिया' के 'जागरण' के हाथों बिकने के बाद नईदुनिया के पुराने मालिक (विनय छजलानी) की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. गुरुवार ३० अगस्त को विनय छजलानी के इंदौर के घर, दफ्तर और कई ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे. नईदुनिया परिसर स्थित छजलानी परिवार के घर के अलावा इनकी लाभ-गंगा बिल्डिंग के दफ्तर और जयपुर ज्वेल्स दुकान पर भी छापामारी की गई.

देश के प्रमुख हिंदी दैनिक 'नईदुनिया' के 'जागरण' के हाथों बिकने के बाद नईदुनिया के पुराने मालिक (विनय छजलानी) की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. गुरुवार ३० अगस्त को विनय छजलानी के इंदौर के घर, दफ्तर और कई ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे. नईदुनिया परिसर स्थित छजलानी परिवार के घर के अलावा इनकी लाभ-गंगा बिल्डिंग के दफ्तर और जयपुर ज्वेल्स दुकान पर भी छापामारी की गई.

विनय छजलानी के एक मैरिज गार्डन, वेब दफ्तर की भी जांच की गई है. ३१ अगस्त को इंदौर के अखबारों में प्रकाशित खबरों के मुताबिक विभाग के अफसरों को कई गड़बड़ियों का पता चला है. जमीन की खरीद और बेचने के कई दस्तावेज मिले हैं. आयकर विभाग ने नईदुनिया के दफ्तर को भी नहीं छोड़ा और एकाउंट विभाग में छानबीन की. ये कार्यवाही देर रात तक होती रही. बताते हैं कि आयकर विभाग को नईदुनिया और जागरण के बीच हुई सौदेबाजी के सबूत मिले हैं, जिसमें दिखाई गई कीमत और अदा की गई कीमत में फर्क है!  

बाद में पता चला कि छजलानी ग्रुप पर शुरू हुई आयकर सर्वे की कार्रवाई 40 घंटे में खत्म हुई. ग्रुप ने अपनी अलग-अलग कंपनियों में 230 करोड़ की अघोषित आय सरेंडर की. आयकर कमिश्नर बीपी जैन ने बताया कि ग्रुप की अनु ट्रेडिंग कंपनी से 190 करोड़ और अन्य संस्थानों से 40 करोड़ रुपए सरेंडर किए गए. यह मप्र में अब तक का सबसे बड़ा आयकर सर्वे माना जा रहा है.

सर्वे की कार्रवाई लाभ गंगा बिल्डिंग स्थिति वेबदुनिया और जयपुर ज्वेल्स पर छापों के साथ हुई. आयकर टीम नईदुनिया परिसर में भी गई थी जिसका मालिकाना हक हाल ही में छजलानी ग्रुप के विनय छजलानी द्वारा बेचा गया है. आयकर टीम ने ग्रुप की सूवी प्रालि, डायस पार्क व अन्य कंपनियों की भी जांच की. टीम अब सरेंडर राशि पर टैक्स की गणना में लग गई है.

अनु ट्रेडिंग कंपनी को शेयर के मुनाफे में 190 करोड़ रुपए मिले. जयपुर ज्वेल्स में बिना लेखा-जोखा 15.50 करोड़ की आय पाई गई. रियल इस्टेट में ग्रुप ने निवेश किया है, इससे 14.50 करोड़ रुपए का मुनाफा उजागर हुआ. अन्य जगह निवेश से 10 करोड़ की आय हुई, जिसे खातों व दस्तावेज में नहीं दिखाया गया.

दस्तावेज से पता चला है कि ग्रुप की अनु ट्रेडिंग ने तीन साल पहले रिलायंस ग्रुप से डिबेंचर के रूप में 1100 करोड़ रुपए लिए थे. यानी, कंपनी द्वारा लोन नहीं चुकाए जाने पर अनु ट्रेडिंग रिलायंस के पास आ जाती. राशि नहीं चुकाए जाने पर रिलायंस ग्रुप की बताई जाने वाली कंपनी सिनो प्रालि में अनु ट्रेडिंग कंपनी के मर्ज होने की प्रक्रिया भी जारी हो चुकी है.

लोग सवाल यह कर रहे हैं कि जब तक छजलानी परिवार नई दुनिया अखबार का मालिक था, तब तक तो आयकर विभाग ने कभी इस घराने की ओर रुख नहीं किया लेकिन नई दुनिया की बिक्री होते ही अचानक आयकर विभाग के लोगों को छजलानी की याद कैसे आ गई. तो इसका मतलब यह समझा जाए कि जब तक आप अखबार के मालिक हैं, इसकी आड़ में हर तरह के कुकर्म कर सकते हैं लेकिन अगर गल्ती से मीडिया का साया हट गया तो फिर आपको नंगा होते देर न लगेगी. क्या आयकर विभाग में हिम्मत है कि वह दैनिक जागरण जैसे समूह के ढेर सारे धंधों निवेश आदि का पता लगाने के लिए एक बड़ा छापा मारे? उत्तर होगा- नहीं. क्योंकि जागरण समूह की सेटिंग सत्ता में शीर्ष तक है, इसलिए उनके यहां छापे नहीं पड़ सकते. कहा भी जाता है- समरथ को नहीं दोष गुसाईं….

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...