सहारा मीडिया के उर्दू अखबार और उर्दू मैग्जीन से अजीज बर्नी के हटाए जाने की खबर पक्की निकली. सूत्रों के मुताबिक उन्हें सहारा से तो बाहर अभी नहीं किया गया है लेकिन जो हालात उनके लिए पैदा कर दिए गए हैं उनमें बर्नी का बहुत दिन तक टिके रह पाना संभव नहीं है. सूत्रों के मुताबिक खुद को उर्दू अखबार व मैग्जीन से हटाए जाने की भनक मिलते ही अजीज बर्नी ने दैनिक जागरण के संपादक संजय गुप्ता से इंकलाब उर्दू दैनिक के प्रधान संपादक पद के लिए संपर्क साधा. पर दैनिक जागरण वालों ने बर्नी को मना कर दिया.
देखना है कि बर्नी सहारा से इस्तीफा देते हैं या उपेक्षित स्थिति में बने रहते हैं. बताया जाता है कि बर्नी पर भड़काऊ पत्रकारिता करने के साथ-साथ मैग्जीन व अखबार के जरिए खुद की जबरदस्त ब्रांडिंग करने के आरोप लगे. इन आरोपों को सही पाया गया. पहले भी बर्नी को फोर्स लीव पर भेजा गया था और उनकी तरफ से राष्ट्रीय सहारा अखबार में माफीनामा भी प्रकाशित हुआ. यह सब होने के बाद बर्नी को पुनः संपादक की कुर्सी तो मिली लेकिन अब फिर से उन्हें बेआबरू होकर बेदखल होना पड़ा है.
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अजीज बर्नी ने इस्तीफे की पेशकश सहाराश्री सुब्रत राय सहारा के सामने कर दी थी लेकिन सहाराश्री ने उन्हें कहा कि वे सहारा न छोड़ें, उनका रुतबा यहां बरकरार रखा जाएगा. इसी कारण अजीज बर्नी को दिल्ली से हटाकर अब मुंबई में सहारा के फिल्म डिवीजन में भेज दिया गया है. अजीज बर्नी की उर्दू अखबार व उर्दू मैग्जीन से विदाई के बाद फिलहाल काम देखने के लिए असद रजा से कहा गया है.
बर्नी के बाद असद रजा ही काम देखते थे. बताया जाता है कि असद रजा महीने दो महीने में रिटायर होने वाले हैं, इसलिए फिलहाल नए विकल्प की तलाश सहारा प्रबंधन ने शुरू कर दी है. यह भी बताया जा रहा है कि शहाफत अखबार के एडिटर हसन कमाल को सहारा प्रबंधन ने अपने उर्दू अखबार व मैग्जीन के लिए एडवाइजर के तौर पर रखा है.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. अगर उपरोक्त बातों में कोई कमी-बेसी नजर आए तो उसे कमेंट बाक्स के जरिए या फिर [email protected] पर मेल भेजकर दुरुस्त कर सकते हैं.





