: दैनिक सवेरा ने प्रकाशित की पंजाब केसरी के मालिक को सजा की खबर : पंजाब केसरी अखबार के मालिक को तथ्यों से भ्रमित खबर छापने के एक मामले में कोर्ट ने छह माह की सजा सुनाई है. अखबार मालिक को सजा सुना दी जाए और इसकी खबर किसी बड़े अखबार में छप जाए, आप कल्पना नहीं कर सकते. यह मालिकों का आपसी गठजोड़ है. लेकिन नए अखबार हिम्मत करके इस गठजोड़ को तोड़ने में जुटे हैं जिसकी सराहना की जानी चाहिए.
विजय चोपड़ा को सजा की खबर को लीड न्यूज़ बनाकर दैनिक सवेरा नामक अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. बताते हैं कि पंजाब केसरी और दैनिक सवेरा के बीच पुरानी तनातनी है. जालंधर से प्रकाशित पंजाब केसरी ग्रुप और उद्योगपति शीतल विज के बीच शक्ति प्रदर्शन का सिलसिला बहुत पुराना है. जालंधर में होने वाले हर धार्मिक व सामाजिक समागमों में दोनों ही ग्रुप समय समय पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते रहते हैं.
शीतल विज प्रसिद्ध शक्ति पीठ देवी तलब मंदिर के कर्ताधर्ता बने हैं और पंजाब केसरी के खिलाफ मीडिया पैठ की कमी को दैनिक सवेरा लांच करके पूरी कर दी. बीते दिनों जब शीतल की एक फैक्ट्री ध्वस्त हुई थी और शीतल पुलिस हिरासत में थे तब केसरी ग्रुप ने पूरी निष्ठा से मामले को तूल दिया था जिसकी रंजिश शीतल के मन में बनी हुई थी. अब कोर्ट ने 2003 से चल रहे एक झूठी खबर मामले में ग्रुप के मुख्य संपादक विजय चोपड़ा को छह माह की कैद की सजा सुनाई तो इस खबर को पूरी तसल्ली से दैनिक सवेरा ने फ्रंट पेज पर छापा. जो भी हो, खबर छाप कर दैनिक सवेरा ने साहस का काम किया है और इसके लिए शीतल विज बधाई के पात्र हैं. ये है पूरी खबर… पढ़ने में न आए तो खबर की तस्वीर के उपर क्लिक कर दें…
जालंधर से अरुण की रिपोर्ट.






