आदरणीय यशवंत जी, मैं आज अपना इस्तीफा मौर्य टीवी को भेजा हूँ, और मैंने मौर्य के साथ मिले अनुभवों को भी लिखा है. जो सोच कर मैंने इस क्षेत्र को चुना था, वह यहां नहीं मिला. जब इस मीडिया की मंडी को समझ पाया तो मैंने निर्णय ले लिया, जिसे प्रेषित कर रहा हूँ. आशा है आप इसे प्रमुखता से लेंगे. -मुकेश कुमार, समस्तीपुर
|| वन्दे मातरम ||
सेवा में,
आदरणीय मनीष झा
चैनल हेड
मौर्य टी.वी., पटना
विषय :- समस्तीपुर जिला संवाददाता से इस्तीफा के सन्दर्भ में
प्रिय महोदय ,
पत्रकारिता के क्षेत्र में बिहार के युवाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से हिंदी सिनेमा में वर्चस्व कायम करने वाले महारथी आदरणीय प्रकाश झा जी ने अपने गृह राज्य की राजधानी में मौर्य टी.वी. की शुरुआत की| इस चैनल में काम करने वाले लोगों के समूह को परिवार का संज्ञा दिया गया| लेकिन परिवार के मुखिया को उनके अन्य सहयोगी से सिर्फ काम लेने तक ही मतलब, मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि काम की बात तो हमेशा किया जाता रहा, लेकिन जब मेहनत के प्रतिफल की बात जब भी की गई, इसे टाला जाता रहा|
भला टाला भी क्यूं न जाए, चैनल के अधिकारियों को तो वातानुकूलित कक्ष और गाड़ियों में रहने की आदत है, और महीने के अंत में पगार भी आसानी से उपलब्ध है| लेकिन धुल गर्दा, बारिस, धुप को बर्दाश्त कर खबर देने वाले रिपोर्टर को क्या मिलता है, डांट-फटकार और भुखमरी| मैं अपनी बात लिख रहा हूँ जो मेरे साथ हुआ है| पैसे की तंगी के कारण मेरी पत्नी ने मेरे मोबाईल से चैनल के एक अधिकारी का नम्बर लेकर फोन किया तो तो मुझे मौर्य टी.वी. से निकाल देने की धमकी दी गयी|
जब मैं बीमार हुआ तो चैनल के मेरे मित्रों चन्दन और अभय जी के द्वारा हालचाल पूछा गया| मुझे बताया गया कि मेरे एकाउंट में दस हजार भेजे गए हैं, लेकिन वो पैसा आज तक एकाउंट में नहीं आया|
जिला के रिपोर्टरों के साथ जो अन्याय हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है| दुर्व्यवहार करने वाले लोगों का नाम यहां नहीं लिख रहा। उनसे बस यही कहूंगा कि एक बार जरूर अपनी आत्मा से पूछें कि वे ऐसा क्यों करते हैं| मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं, मैंने जब तक कार्य किया पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ किया|
धन्यवाद ||
आप का विश्वासी
मुकेश कुमार
समस्तीपुर
बिहार





